Karnal Voice message August 2014


03 August

Morning:

यह सन्देश आपको CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है | धान के खेत में जिंक की कमी होने पर पौधों की बढ़वार रुक जाती है, और ऊपर के पत्तों पर भूरे ताम्बे के रंग के धब्बे दिखाई देते है। पत्तों पर जिंक की कमी के लक्षण दिखाई देने पर 1 किलोग्राम जिंक सलफेट (21% जिंक) और 5 किलोग्राम यूरिया, 200 लीटर पानी में मिलाकर एक एकड़ क्षेत्र पर छिड़काव करे।



18 August

Morning:

किसान भाइयों और बहनों, धान की खड़ी फसल में रोपाई के 50 - 60 दिन बाद, बाली निकलने की अवस्था पर यूरिया देने की आवशकता होती है, आप के खेत में इस समय यूरिया खाद की मात्रा कितनी लगेगी ये तय होता है फसल के पत्तों पर हरा रंग देख कर, इसका सही अंदाज लीफ कलर चार्ट पर धान के पत्ते का रंग का मिलान कर के किया जा सकता है , यूरिया देने से पहले खेत में से पानी निकाल दें, यूरिया देने के बाद हल्की सिंचाई करे, नीम लेपित यूरिया काम लेने से उर्वरक नाइट्रोजन का ज्यादा उपयोग होता है, यूरिया की घुलनशील नाइट्रोजन भूमि में गहरी जा सकती है या गैस बन के हवा में उड़ सकती है, यूरिया का गलत उपयोग उसकी उपयोग क्षमता तो कम करता ही है, लेकिन जल-वायु परिवर्तन में भी सहयोग देता है। अतः सही मात्र में सही ढंग से यूरिया काम में लें । यह सन्देश आपको CCAFS की तरफ से दिया गया है । अधिक जानकारी के लिए 9992220655 पर संपर्क करें ।



25 August

Morning:

क्लाइमेट स्मार्ट विलेज के किसान भाइयों और बहनों। धान के खेत में बिमारियों और कीड़ों के प्रकोप की सम्भावना अधिक रहती है। धान की फसल पर आक्रमण करने वाले कीड़ों में गंधी बग या मलंगा भी एक प्रमुख कीट है, जो किसी किसी वर्ष आक्रमण करते है। इस कीट के शिशु व वयस्क यानी बचे और बड़े दोनों ही धान की बालियों में कच्चे दानो का रस चूसते है जिसके कारण दाना पूरा नहीं बनता। गंधी बग की रोकथाम के लिए 10 किलोग्राम मिथाइल पैराथियान 2% धूल का एक एकड़ क्षेत्र में बिखराव करें। किसान भाइयों और बहनों यह जानकारी आपको CCAFS की तरफ से दी गई है। अधिक जानकारी के लिए हमारी हेल्पलाइन 9992220655 पर संपर्क करें।


Copyright @ 2014 CIMMYT All Rights Reserved || Developed By :Kisan Sanchar