Karnal Voice message September 2013


01 SEPTEMBER

Morning :

क्लाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाईयों और बहनों | नमस्कार| आपके क्ष्रेत्र में कहीं कहीं धान की फसल पर गर्दन तोड़ रोग का प्रकोप देखने को मिला है जिस रोग को आप नैक ब्लास्ट या पेनी ब्लास्ट के नाम से भी जानते हैं। इस रोग में बाली के नीचे की गांठ भूरिया काली हो जाती हैं और वहां से बाली टूट जाती है। रोग के शुरुवाती लक्षण दिखते ही उसके बचाव के लिए छिड़काव करना चाहिए। एक एकड़ खेत में 120 ग्राम ट्राइसाक्ला जोल 75 WP को 200 लीटर पानी में घोल बना कर छिड़काव करें। यह दवा बाजार में बीम या विनविक के नाम से भी मिलती है। 15 दिन बाद एक बार फिर छिड़काव करें। यह जानकारी आपको CCAFS द्वारा दी गई है। अधिक जानकारी के लिए 9992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



01 SEPTEMBER

Evening :

क्लाईमेट यह संदेश आपको CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार करनाल जिले में आने वाले तीन दिनों में मौसम के बदलाव की सम्भावना कम हैं। हालाकि वर्षा के रुकने के आसार है। अधिकतम तापमान 37.38 डिग्री सेल्सियस रहेगा और न्यूनतम तापमान के 26 डिग्री सेल्सियसके आसपास रहने की उम्मीद है। हवा का रुख दक्षिणी पूर्वी रहेगा और हवा की गति 7.8 किलोमीटर प्रति घण्टा बनी रहेगी। मौसम सुहाना रहे तो धान की फसल पर कीड़े बीमारियों की रोकथाम के लिए छिड़काव कर सकते हैं। रोगग्रस्त पौधों को उखाड़ कर नष्ट करें और रोग ग्रस्त खेतों का पानी दूसरें खेतों में न बहने दें। अधिक जानकारी के लिए 9992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद



02 SEPTEMBER

Morning:

करनाल जिले के क्लाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाईयों और बहनों। नमस्कार । धान के खेतों तेला पत्तों या तनों से पौधे का रस चूसता है जिसके कारण फसल पीली होकर सूख जाती है। तेले का आक्रमण खेत के एक छोटे हिस्से में शुरू होकर पूरे खेत में फैल सकता है तेले की रोकथाम के लिए 10 किलोग्राम कार्बेरिल 5 प्रतिशत का घूड़ा या मिथाइल पैराथियान 2 प्रतिशत का घूड़ा एक एकड़ खेत में खड़े पानी में बुरकें। कार्बेरिल या डाइक्लोरवास या मोनोक्रोटोफास दवा का छिड़काव भी किया जा सकता है। स्प्रे पौधे के निचले भागों की और करें। हवा बदल कर 10 दिन बाद फिर दूसरा छिड़काव करें। अधिक जानकारी के CCAFS की हैल्पलाईन न. 9992220655 पर फोन करें। धन्यवाद



02 SEPTEMBER

Evening :

करनाल जिले के क्लाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाईयों और बहनों । नमस्कार जलवायु परिवर्तन से खेती में होने वाले जोखिम को कम करने व खेती में विविधी करण की बात अकसर कही जाती है विविधी करण मतलब सिर्फ फसल को बदलना ही नहीं है। इसके साथ साथ हमें हमारी खेती की पद्धति भी बदलनी होगी। खेती सिर्फ फसलों पर ही निर्भर न रहे बल्कि उसे पशुपालन मछली पालन मधुमक्खी पालन रेशमकीट पालन मुर्गी पालन जैसी विविधताओ को भी जोडना है। इन व्यवसायों का पालन कर हम न सिर्फ हमारी कुल आमदनी बढ़ा सकते हैं लेकिन हमारी खेती से बन रहे सारे संसाधनों का सही उपयोग कर सकतें है। फसल. उत्पादन और पशुपालन एके दूसरे के काम में सहयोगी है बागबानी भी विविधीकरण का ही हिस्सा है। जलवायु परिवर्तन के जोखिम को कम करने के लिए हमें विविधीकरण को अपनाने में पहल करनी होगी। यह संदेश आपको सीकेफस द्वारा दिया गया है। अधिक जानकारी के लिए 9992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद



03 SEPTEMBER

Morning:

करनाल जिले के क्लाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाईयों और बहनों। नमस्कार। यह संदेश आपको CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है। पिछ्ले कुछ संदेशों में हमने आपको धान के कीड़ों तेलाए गंधीबग ए तना छेदक के बारे में जानकारी दी थी। आज हम धान के एक और कीट हिस्पा के बारे में बता रहे हैं। यह कीट पत्तों को खरच कर हानी पहुँचाता है जिसके कारण पत्तो का हरा पदार्थ हट जाता है। पत्तों पर सफेद धारियां बन जाती है। धीरे. धीरे पत्तिया सूख जाती है और पौधा झुलसा हुआ दिखता है। हिस्पा कीट की रोकथाम के लिए 100 मिली लीटर प्रोफेनफास 50 ई.सी. या 500 मिली लीटर क्यूनोलफास 25 ई.सी. या 120 मिली लीटर फास्फो मिडान 85 ई.सी. दवा एक एकड़ क्षेत्र पर 250 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें। अधिक जानकारी के लिए हमारे हैल्पलाईन 9992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



03 SEPTEMBER

Evening :

करनाल जिले के क्लाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाईयों और बहनों। आपके गाँव के बाहर रास्तो के किनारे गोबर के ढेर लगे हुए है इसे आप बाद में खाद के रुप में खेत में डालेंगे। जिस तरह से ये गोबर के ढेर लगे हुए है उनसे पोषक तत्वों की हानी की उम्मीद ज्यादा है। खासकर इस खाद का नाइट्रोजन हवा में उड़ कर खत्म हो सकता है। साथ ही इस ढेर पर वर्षा होने से इसमें उपस्थित पानी में घुलनशील पोषक तत्व भी बह कर चले जाते हैं। यह खाद पूरी तरह से सड़ भी नहीं पा रही है जिसके कारण इसमें दीमक और अन्य कीड़े भी पनप सकते हैं। कम समय में अच्छी सड़ी हुई ज्यादा पोषक तत्व वाली खाद बनाने के लिए हमें वर्मी कम्पोस्ट जो केचुएं की सहायता से बनती है तैयार करनी चाहिएं। अगली बार हम आपको वर्मी कम्पोस्ट तैयार करने की जानकारी देंगे। यह संदेश आपको CCAFS द्वारा दिया गया है। अधिक जानकारी के लिए हमारे हैल्पलाईन 9992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



04 SEPTEMBER

Evening :

करनाल जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। नमस्कार। यह संदेश आपको CCAFS की ओर से दिया जा रहा है और इस संदेश में हम आपको वर्मी कम्पोस्ट बनाने की जानकारी दे रहें हैं। वर्मी कम्पोस्ट मेढ़ या गड्डे में बनाई जा सकती है। मेढ़ या गड्डे की ऊचाँई या गहराई 60 सेंटीमीटर यानि दो फुट रखें। चौड़ाई 90 सेंटीमीटर या तीनफीट रखें। मेंढ या गड्डे की लम्बाई जगह के हिसाब से रखें। ध्यान रहे कि मेंढ़ या गड्डे के उपर पानी जमा न हो। सबसे नीचे 4.6 इंच मोटी कड़बी या भूसे की परत बिछालें। अब इसके उपर इतनी ही मोटी गोबर की परत बना लें। फिर एक परत जो एक फूट से डेढ़ फूट की हो कूड़े करकट या फसल के अवशेष या कचरे की बनायें। अब एक बार फिर एक दो इंच मोटी मिट्टी की परत डाले और सबसे ऊपर दो.तीन इंच मोटी गोबर की परत रखें। इस तरह पाँच परते भूसा. गोबर. फसल अवशेष और मिट्टी से बनी। इन परतों को लगाने के बद इसमें केचुएं छोड़े जाते हैं। इस घन मीटर जगह के लिए 400.500 केचुएं छोड़ेने चाहियें। एक वर्गफूट जगह के लिए लगभग 50 केचुएं। केचुएं छोड़ने के बद मेंढ़ या गड्डो को पुरानी बोरी या कड़बी से ढ़क दें केचुओं को धूप से बचायें। इन परतों में नमी बनायें रखने के लिए समय समय पर पानी छिड़कते रहें। समय के साथ जैसे जैसे ऊपर की परत सड़गलकर भूरे रंग की मिट्टी की तरह हो जाय तो उसे हटाते रहे और छानकर इक्ठा करें। केचुएं की खाद 50.60 दिन में ही तैयार हो जाती है।अधिक जानकारी के लिए हमारे हैल्पलाईन 9992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



06 SEPTEMBER

Morning:

करनाल जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। आप सभी को CCAFS का नमस्कार। धान की फसल में ऐसा समय आ गया है कि इस रोगग्रस्त पौधों और दूसरी किस्म के पौध जो अलग से ही बढ़वार ले रहें हैंए उनको अलग करें। खास कर के वो किसान भाई जो इस फसल से ही अगले साल के लियें बीज रोकना चाहते हैं उनको यह काम खेत में करते रहना चाहियें। इससे आपको लगाई गई किस्म का शुद्व और स्वास्थ बीज मिलेगा साथ ही रोग के जीवाणु भूमि में पनपते रहने से भी बच जायेगा। इसलिए ये आवश्यक है कि आप अपने खेतों से दूसरी किस्मके धान के पौधों को और रोगग्रस्त पौधों को निकाल कर नष्ट कर दें। अधिक जानकारी के लिए हमारे हैल्पलाईन 9992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



06 SEPTEMBER

Evening :

करनाल जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। नमस्कार। कीड़े बीमारियों की रोक थाम में सिर्फ दवाईयों का इस्तेमाल करना खर्चीला हो सकता है और साथ ही उससे फसल के उपज में और खेत में प्रदूषण भी फैल सकता है। इसलिए जरूरी है कि हम पहले से ही सचेत रहें। कीड़े और बीमारियों की प्रतिरोधी किस्मों को चुने। बीजोप्चार करें। खेत साफ रखें। खरपतवार न उगने दें। अधिक पानी और यूरिया खाद न दें। नीम आधारित बायों पेस्टीसाइड काम में ले। दवा का उपयोग उसी समय करें जब कीड़े नुकसान देने वाली संख्या में हो रहे हो। बीमारी के आरम्भिक लक्षण दिखाई देने। चालु हो गये हो। कीड़ो को आकृषित करने के लिये फसल में चीमतवउवदम जतंच लगाये। प्रकाश पाश ;सपहीज जतंचद्ध का भी उपयोग कर सकते हैं। लगातार एक ही फसल न उगाये। इन सब बातों का ध्यान रखेंगे तो हम फसल को भूमि को और पर्यावरण की स्वस्थ रकह पायेगें। यह संदेश आपको CCAFS के द्वारा दिया गया है। अधिक जानकारी के लिए हमारे हैल्पलाईन 09992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



08 SEPTEMBER

Morning:

करनाल जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। नमस्कार। जमीन में छोटे छोटे सूक्ष्म जीवाणु होते है जो खेती के लिए बहुत उपयोगी हैं। इअन में से कुछ जीवाणु फसल में पोषकतत्वों की उपलब्धी बढ़ाते हैं। नाइट्रोजन की उपलब्धी बढाने के लिए दालवाली फसलों में राइजोबियम जीवाणु मदद करता है। अनाज और अन्य गैर दलहनी फसलों में नाइट्रोजन की उपलब्धता बढाने के लिए Azotobecter जीवाणु काम करते हैं। धान में यह काम Azospirilum जीवाणु करते हैं। ये सब जीवाणु वायुमण्डल में उपलब्ध नाइट्रोजन को फसल के लिए उपलब्ध कराते हैं। फास्फोरस तत्व को घुलनशील बनाकर पौधों के लिए उसकी उपलब्धता बढ़ाने में Phosphate Solubalizing bacteria PSB का महत्व है। bacteria को हम biofertilizer या जीवाणु खाद की तरह इस्तेमाल करते हैं। रासायनिक खादों के साथ गोबर की खाद और कम्पोस्ट देने के साथ.साथ हमें biofertilizer के इस्तेमाल पर भी जोर देना चाहियें। इनका उपयोग कर हम रसायनिक खादों की मात्रा को कम कर सकते हैं। अगर ऐसा हुआ तो हम जलए भूमि और वायु में हमारी खेती को पूरा लाभ दें पायेगें। अधिक जानकारी के लिए हमारे हैल्पलाईन 9992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



08 SEPTEMBER

Evening :

करनाल जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। आपको CCAFS का नमस्कार । धान की खेती में अधिक से अधिक पैदावार लेने के लिए कई अनुसंधान कार्यक्रम चल रहे हैं। इसमें धान की hybrid किस्मों का विकासए इसके बुवाई के तरीकेए खरपतवार व रोग नियंत्रणए उर्वरक उपयोग के फैसला लेने के नयें तरीके जैसे कई पहलूओं पर काम हो रहा है। अंतराष्ट्रीय स्तर पर हमारे कृषि विश्वविधालयों और अनुसंधान संस्थानो में यह काम हो रहा है। आपके गाँवों तक हम अनुसंधान की नई जानकारियां पहुंचाते रहेंगे। CCAFS द्वारा जारी इस संदेशो को प्रतिदिन ध्यान से सुनते रहें और अधिक जानकारी के लिए हमारे हैल्पलाईन 9992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



09 SEPTEMBER

Morning:

करनाल जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। आपको CCAFS का नमस्का। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अगले दो-तीन दिनों में जिले में मौसम साफ और शुष्क रहेगा। दिन के तापमान में बढ़ोत्तरी होकर अधिकतम तामपान 37.38 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। रात के तापमान में थोड़ी गिरावट होगी और न्यूनतम तापमान 23.24 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। बहुत धीमी पश्चिमी हवा चलेगी और हवा की नमी भी कम होती जायेगी। मौसम की इस स्थिती में आप धान के खेत में जल प्रबन्धपर ध्यान दें। खेत में सूख कर दरार न पड़ने दें। आवश्यकतानुसार सिंचाई करते हुए दाने पकने की अवस्था तक खेत में दो इंच पानी खड़ा रखें। अधिक जानकारी के लिए हमारे हैल्पलाईन 9992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



09 SEPTEMBER

Evening :

करनाल जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। नमस्कार यह सूचना आपको CCAFS द्वारा दी जा रही है। आज हम आपको धान के हल्दी गांठ रोग के बारे में बटायेगें। इस बीमारी से प्रभावित बालियों के कोई कोई दाने काफी बड़े और घुंघरुओ जैसे हो जाते है। इन का रंग शुरू में सफेदए फिर पीला और बाद में काला पड़ जाता है। रोग ग्रस्त दाने फटने पर उसमें नारंगी रंग का फफूंद नजर आता है। इससे बचाव के लिए कॉपर आक्सीक्लोराईड दवा की 500 ग्राम मात्रा का 500 लीटर पानी में घोल बनाकर एक एकड़ खेत पर छिड़काव करें। इस दवा को छिड़कने के लिये पावर स्प्रेयर का इस्तेमाल न करें क्योकि ऐसा करने से दानों का रंग काला हो जाता है। अधिक जानकारी के लिए हमारे हैल्पलाईन 9992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



10 SEPTEMBER

Morning:

करनाल जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। सभी को CCAFS का नमस्कार। खरीफ फसल की कटाई के बाद रबी में गेहूँ की खेती के लिये राष्ट्रीय कृषि विकास योजना और राष्ट्रीय खाद सुरक्षा मिशन के तहत हेपी सीडरए उन्नत बीजए सूक्ष्म तत्वों के उपयोग Zerotillage और seed-cum-fertiliser drill, laser leveller, बीज उपचार drum आदि पर अनुदान या subsidy का प्रबन्ध है। अनुदान प्राप्त करने के लिए कृषि विभाग से सम्पर्क करें। अधिक जानकारी के लिए हमारे हैल्पलाईन 9992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



10 SEPTEMBER

Evening :

करनाल जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। CCAFS द्वारा जारी इस संदेश में हम आपको पौधों पर IRON यानि लौह तत्व की कमी के लक्षणों के बारे में जानकारी देगें। लौहे की कमी अकसर अन खेतों में देखने को मिलती है जिनकी पी.एच.मान 8 से ज्यादा होए भूमि में जीवांश पदार्थ कम हो और जहां भूमि में चूने की मात्रा ज्यादा हो। ऐसी जमीने जिनकी उपरी परत भूमि समतल करने के कारण या कटाव के कारण कट गई हो वहां भी लौहे की कमी के लक्षण दिखाई दे सकते हैं। लौहे की कमी के लक्षण नई पत्तियों की नसों के बीच पीली धारियों के कप में उभरते हैं। अधिक कमी होने पर पूरा पौधा ही प्रभावित हो जाता है और हल्का पीला या सफेद हो जाता है। धान की नर्सरी और मक्का पर लौह तत्व की कमी अक्सर देखी जा सकती है। Forous Sulphate के एक प्रतिशत घोल का छिड़काव करके तत्व की कमी को दूर की जा सकती है। आवश्यकता हो तो 10 दिन बाद दुबारा छिड़काव करना चाहिये। एक एकड़ खेत में 6.8 टन गोबर का खाद या कम्पोस्ट देने से भी भूमि को पर्याप्त लौह तत्व मिल जाता है। अधिक जानकारी के लिए हमारे हैल्पलाईन 9992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



11 SEPTEMBER

Morning :

करनाल जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार अगले दो.तीन दिनों में आपके जिले में वर्षा के आसार नहीं है। आसमान में बहुत हल्के बादल छाये रह सकते हैं। दिन का तामपान 37.39 डिग्री सेल्सियस रहने की सम्भावना है और रात का तापमान 23.24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। बहुत हल्की पूर्वा हवा भी चल सकती है। इन दिनों आप अपने धान के खेतों से रोग ग्रस्त पौधों को निकालें। तेलाए पत्ती लपेट. सूण्ड़ी और तना छेदकघुडा से बचाव के लिये दवा का छिड़काव करें और खेत में दो इन्च गहरा पानी खड़ा रखें। अधिक जानकारी के लिए CCAFS की हैल्पलाईन 9992220655 पर फोन करें। आपका धन्यवाद।



11 SEPTEMBER

Evening :

करनाल जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। यह संदेशआपको CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है। इन दिनों जिस तरह का मौसम चल रहा है उसमे धान की फसल पर पत्ती लपेट सूण्ड़ी और तेले का प्रकोप अधिक हो सकता है। इसकी रोकथाम के लिये 10 किलोग्राम मिथाइल पैराथियान (Folidol) 27 धुड़ा प्रति एकड़ घुडे या एक लीटर क्लोर पाइरीफॉस 20 ई.सी. जो बाजार में डरमेथध्लीथलध्फोरस आदि नामों से मिलता है को 250 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें। आवश्यकता हो तो 10.15 दिन बाद एक बार फिर दवा डालें। सभी किसान भाई मिलकर यह काम करेगें तो अच्छा रहेगा नहीं तो सूंडी या तेला पड़ोस के खेत में पनपता रहेगा। अधिक जानकारी के लिए CCAFS की हैल्पलाईन 9992220655 पर फोन करें। आपका धन्यवाद।



12 SEPTEMBER

Morning:

करनाल जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। आपको सबको CCAFS का नमस्कार। आप सब अपने धान के खेतों में से खरपतवार की रोकथाम के लिये दवाईयों का उपयोग करते हैं। आपके गाँव में धान के खेतों में खरपतवार कम ही दिखाई देते हैंए लेकिन खेत के बाहर मेड़ों पर और रास्तों के किनारे खरपतवार से सटे पड़े हैं। क्या आपको मालूम है कि खेत के बाहर के इन्ही खरपतवारों पर कीड़े और बीमारियां आसरा लेते है और ये धान के खेतों में फिर से आ जाते हैं। इन खरपतवारों का बीज भी गिर कर और ज्यादा खरपतवार पैदा करता है। कुछ खरपतवार तो आदमी और पशुओं के स्वास्थ को भी नुकसान पहुंचाते है अतः यह जरुरी है कि खेत में ही नहीं खेत के बाहर भी खरपतवारों को नष्ट करें। इन्हे बीज बनने से पहले ही हटा कर कम्पोस्ट पीट में सड़ने के लिये डालें। अधिक जानकारी के लिए CCAFS की हैल्पलाईन 9992220655 पर फोन करें। आपका धन्यवाद।



12 SEPTEMBER

Evening :

करनाल जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। यह संदेश आपको CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है। इन दिनों ज्यादातर किसान भाई धान के खेतों में कीड़े बीमारियों की रोकथाम के लिये SPRAY कर रहे हैं। किसान भाई. बहनो हम यह बात खासतौर पर कहना चाहते है कि भरी दोपहरी में छिड़काव न करें। छिड़काव हवा की दिशा में शाम के समय करें। छिड़ाकाव के समय मुँह पर कपडा बांधे और छिड़काव के बाद अच्छी तरह से हाथ-मुंह धोयेए नहा लें और कपड़े बदल लें। दवा के डिब्बों और शीशी को नष्ट कर गड्ढे में दबा दें। इनको फिर से काम में लेने का लालच न करें। SPRAYER धोने पर उसका पानी खाली स्थान पर फैला दें। सावधान रहे दवाईयां जहरीली होती हैंए इनको पशुओ से भी दूर रखें। दवा छिड़के खेतों पर से घास फूस भी पशु को न खाने दें। अधिक जानकारी के लिए CCAFS की हैल्पलाईन 9992220655 पर फोन करें। आपका धन्यवाद।



13 SEPTEMBER

Morning:

करनाल जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। यह संदेश आपको CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है। इन दिनों धान के खेत में बीमारी और कीड़े एक साथ दिखाई दे रहे हैं। दोनों की रोकथाम के लिये आप एक कीट नाशी और एक फंफूदनाशी दवा मिलाकर SPRAY कर सकते हैं। कीड़े मारने की दवा एक लीटर क्लोरपाइरिफास और बीमारी की रोकथाम के लिये 500 ग्राम डायथेन जेड 78 या मेन्कोजेब का 250 लीटर पानी में घोल बनाकर एक एकड़ खेत पर SPRAY करें। SPRAY दोपहर बाद करें। ताकि SPRAY का पूरा और फायदा मिल सकें। कोई भी दवा खरीदते समय दवा के डब्बे पर EXPIRY DATE जरुर देखे और दुकान दार से बिल जरुर लें। अधिक जानकारी के लिए CCAFS की हैल्पलाईन 9992220655 पर फोन करें। आपका धन्यवाद।



13 SEPTEMBER

Evening :

करनाल जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। आपको सबको CCAFS का नमस्कार। इन दिनों आप सब व्यस्त हैं। धान के खेतों में तेले की रोकथाम के लिये। काभी दवा SPRAY करनी पड़ रही है और LABOR भी लग रही है। कुछ दिनों पहले हमने आपको LIGHT TRAP लगाने की जानकारी दी थी। रात के समय खेत पर खासकर जहां TUBE WELL पर रात को बल्ब जलता है वहां काफी कीड़े आते है इस बल्ब के नीचे एक तगारी में पानी भरकर उसमे मिट्टी का तेल डालें। बहुत से कीड़े प्रकाश की तरफ आकृषित होकर इसमे गिरेंगे और मरेंगे। इन से आपके खेत में कीड़ों की संख्या कम होगी और दवा क खर्च भी कम होगा। कुछ प्रगतिशील किसान LIGHT TRAP लगाने का काम जरुर करें और देखें की आपको इससे कितना फायदा है। अधिक जानकारी के लिए CCAFS की हैल्पलाईन 9992220655 पर फोन करें। आपका धन्यवाद।



14 SEPTEMBER

Morning:

करनाल जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। यह संदेश आपको CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है। पिछले कुछ दिनों में हमने आपको धान में तना छेदक टिड्डे पता लपत सूण्डीए तेलाए गंधी बग कीड़ों की रोकथाम के लिये कुछ दवाईयों का उपयोग बताया था। SPRAY के लिए मिथाइल पैराथियानए मोनोक्रोटोफासए रपाइरीफासए फारटाप हाड्रोक्लोरइड, डाइक्लोरवांस आदि दवा का नाम लिया था। इसका मतलब यह नहीं है कि आप इन दवाओं का मिक्चर बनायें। एक बात जरुर ध्यान में रख सकते हैं कि हर बार दवा बदलें। एक ही दवा बार बार काम में लेने से कीड़ों में दवा के लिये प्रतिरोध पैदा हो सकता है और एक ही दवा काम में लेने से धीरे.धीरे उसका असर कम होने लगता है। एक बार और ध्यान दें दवा के डिब्बे या शीशी पर लिखे निर्देशों को भी जरुर पढ़े। दवा का सही घोल बनाये और बताये गये तरीके से SPRAY करें। अधिक जानकारी के लिए CCAFS की हैल्पलाईन 9992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



14 SEPTEMBER

Evening :

करनाल जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। आपको सबको CCAFS का नमस्कार। धान के खेत में बाली निकलने की अवस्था के बाद खेत में लगाकर नमी बना रहना आवश्यक है। इसके लिये धान के खेत में 2-3 सेंटीमीटर तक पानी बनाये रखें। एक ही बार में ज्यादा पानी देना लाभ दायक है। हल्की सिंचाई देना फायदेमंद रहता है ध्यान रहे कि खेत में इतनी नमी कम न हो जाय कि खेत में दरार पडने लगें। दाने के पकने तक खेत में नमी बनाये रखें। धान की कटाई के 10-15 दिन पहले से ही सिंचाई रोक दें। अधिक जानकारी के लिए CCAFS की हैल्पलाईन 9992220655 पर फोन करें। धन्यवाद।



15 SEPTEMBER

Morning:

करनाल जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। यह संदेश आपको CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है। मौसम विभाग और हरियाणा कृषि विश्व विद्यालय से प्राप्त सूचन के अनुसार आपके जिले मए अगले तीन.चार दिनों में आसमान साफ रहेगा और वातावरण शुष्क रहेगा। पूरवा हवा तीन से छ किली मीटर प्रति घन्टा की रफ्तार से चलेगी। हवा में नमी सुबह के समय 45 से 60 प्रतिशत और दोपहर में 24-35 प्रतिशत के बीच रहेगी। जिले में अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21-23 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। ऐसे मौसम में तेला और पत्ती लपेट सूण्डी का प्रकोप अधिक होता है अतः इसकी रोकथाम करें। धान की खेती पर विशेष जानकारी के लिए CCAFS की हैल्पलाईन 9992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



15 SEPTEMBER

Evening :

करनाल जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। आपको सबको CCAFS का नमस्कार। अब आपके जिले का मौसम शुष्क हो गया है। ऐसे में धान के खेत में नमी की कमी हो सकती है। इसलिये सिंचाई पर विशेष ध्यान दें। एक ही बार में अधिक पानी खड़ा करने की जरुरत नहीं है। खेत में नमी बनी रहे और हल्का पानी खड़ा रहे। बस यही ध्यान रखाना है कि खेत में सूख कर दरारें न बनें । जल भी बचायें और फसल भी बचायें और फसल भी बचायें इसी में समझदारी है। अधिक जानकारी के लिए CCAFS की हैल्पलाईन 9992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



16 SEPTEMBER

Morning:

करनाल जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। नमस्कार। इन दिनों वातावरण में सूखे के कारण आपको धान में सिंचाई पर विशेष ध्यान देना पड़ रहा है। इसके लियें आप TUBE WELL भी चला रहें हैं। जमीन के अन्दर पानी सीमित है। हमें इसका सही उपयोग करना है। वैसे भी जमीन में पानी की गहराइ बढ़ती जा रही हैए इसको भी हमें कम करना है। उतना ही पानी दे जितना जरूरत है। धान के खेत में सिर्फ 2.3 सेंटीमीटर गहरा पानी दें। पानी बचायें और खेती का भविष्य बचायें। अधिक जानकारी के लिए CCAFS की हैल्पलाईन 9992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



16 SEPTEMBER

Evening :

करनाल जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। आप सभी को CCAFS का नमस्कार। पिछले एक महीने से हम आपको धान की खेती और जलवायु परिर्वतन से जुड़ी जानकारी आपके मोबाईल फोन वाणी संदेशों द्वारा दे रहे हैं। इन संदेशों से आपका क्या फायदा हुआ है। आपको किस तरह की जानकारी सबसे उपयोगी लगी। आप और किस तरह की जानकारी इन संदेशों में चाहते हैं | यह सब जानना हमारे लियें बहुत जरूरी है जिससे कि हम आपको आपकी जरूरत के मुताबिक और आपके काम में आने वाली जानकारी दे सकें। रबी के मौसम में भी हम आपको गेहूँ की बिजाई से लेकर भ्ंतअमेजपदह तक की जानकारी देंगे। आप हमारे संदेशो के बारे में अपनी राय हमें हमारी हैल्पलाईन 9992220655 पर अवश्य दें। धन्यवाद।



17 SEPTEMBER

Morning:

करनाल जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। नमस्कार धान की फसल में दाने बनने की अवस्था पर गंधी बग का प्रकोप हो सकता है। इस कीट के शिशु और वयस्क बालियों में बन रहें दानों से रस चूसते हैं जिसके कारण दाना नहीं बनता और बाली खाली रह जाती हैं। अगेती लगाई गई किस्मों में गंधी बग का आक्रमण ज्यादा होता है। गंधी बग की रोकथाम के लिये क्वीनलफॉस 1.5 प्रतिशत या मिथाईल पैराथियान 2 प्रतिशत पाउडर की 10 किलोग्राम मात्रा एक एकड़ क्षेत्र पर बिखेरे। अधिक जानकारी के लिए CCAFS की हैल्पलाईन 9992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



17 SEPTEMBER

Evening :

करनाल जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। आप सभी को CCAFS का नमस्कार। अकसर धान की कटाई के बद खेत तैयार करने में इतना समय लग जाता है कि गेहूं की बीजाई पिछेती हो जाती है। पिछती बीजाई के कारण गेहूँ की पैदावार भी कम रहती है। इस समस्या को दूर करने के लिये धान की कटाई के बाड बिना पलेवा दिये और खेत और खेत तैयार किये गेहूँ की सीधी बीजाई पर जोर दिया जा रहा है। यह काम HAPPY SEEDER की मदद से आसानी से किया जा सकता है। इसमें पलेवा नहीं देने से एक पानी कि बचत है। धान का भूसा भी खेत में काम आ जाता है जिससे भूमि में पौषक तत्व और जीवांश की मात्रा बढ़ जाती है। गेहूँ में खरपतवारों की बढवार भी रुक जाती है। कणक की भी समय पर बीजाई हो जाती है। बहुत से किसान भाई अब भी धान की कटाई के बाद खेत में आग लगाते है। ये गैर कानूनी है और इससे वातावरण में धुंआ होने से पर्यावरण को भी नुकसान है। धान के भूसे को खेत मे न जलाये। HAPPY SEEDER की मदद से गेहूँ की बीजाई करें। पर्यावरण व भूमि को समृद करें और खेती की लागत में फायदा कमायें। धन्यवाद।



18 SEPTEMBER

Morning:

करनाल जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। नमस्कार। यह संदेश आपको CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है। मौसम विभाग से मिली जानकारी अनुसार आपके जिले में आने वाले तीन.चार दिनों में आसमान साफ रहेगा। वर्षा की सम्भावना नहीं है। दिन का तापमान 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। रात के तापमान में गिरावट आयेगी और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। हवा में नमीं भी अब कम होती जा रही है। सुबह के समय हवा की नमी 45.50% के बीच रहेगी और दोपहर के बाद 25.30% रह जयेगी। उत्तर पूर्व की दिशा से 5.6 किलोमीटर प्रति घन्टा की रफतार से हल्की हवा चलेगी। ऐसे मौसम में आप अपने धान के खेतों में सिंचाई प्रबन्ध पर ध्यान दे और कीड़े बिमारी के प्रकोप से बचने का भी उपाय करें। अधिक जानकारी के लिए CCAFS की हैल्पलाईन 9992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



18 SEPTEMBER

Evening :

करनाल जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। नमस्कार। यह संदेश आपको CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है। धान के खेत में बालिया बनने से लगाकर दाना बनने की अवस्था तक लगातार हल्का पानी खड़ा रहना चाहिए। एक ही बार में खेत में ज्यादा पानी न खड़ा करें। रोगग्रस्त खेत का पानी दूसरे खेतों में न बहने दें। खेत में 2.3 सेंटीमीटर पानी खड़ा रखें और कटाई के लगभग 15 दिन पहले सिंचाई रोक दें। जो लोग TUBE WELL के पानी से सिंचाई कर रहे हैं उन्हे चाहिए कि वो TUBE WELL के पानी की जाँच भी समय समय पर करवाएं। पानी अमूल्य प्रकृतिक संसाधन है इसका सही उपयोग करें। अधिक जानकारी के लिए CCAFS की हैल्पलाईन 9992220655 पर सम्पर्क करें। आपका धन्यवाद।



19 SEPTEMBER

Morning:

करनाल जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। आप सबको CCAFS का नमस्कार। ज्यादातर खेतों में धान में बालियां निकल आई हैं। आप सभी सुबह सबेरे अपने खेतों पर जाकर धान की फसल पर बीमारी वगैरह की निगरानी जरूर रख रहें होंगें। अधिक तापमान और नमी की दशा में पौधों पर बीमारी फैलने की गुंजाइश होती है। हमने आपको धान में पदगलन या बकानीए कडूआ या हल्दी गांठ रोगए अगंभारी यानी SHEATH BLIGHT इसपहीज तथा बहरंग दाना रोग के बारे में जानकारी दी थी। रोगग्रस्त पौधों को बाहर निकाल कर नष्ट करें। खेत में और मेढ़ों पर खरपतवार हो तो उन्हे निकाल दें। रोगग्रस्त खेत का पानी रोग रहित खेतों में जाने दें। अगर सिर्फ पदगलन तथा पत्ता अंगमारी रोग हो तो कोई दवा न छिड़के। अन्य बिमारियों के लिए कॉपर आक्सीलोराइड 500 ग्राम को 200 लीटर पानी में घोलकर दोपहर बाद छिड़के। अन्य जानकारी के लिए CCAFS की हैल्पलाईन 9992220655पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



19 SEPTEMBER

Evening :

करनाल जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। नमस्कार। यह संदेश आपको CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है। अकसर हम फसल में कीड़ों की रोकथाम के लिए जहरीली रसायनिक दवाईया काम में लेते हैं। ये हमारे पर्यावरण और मनुष्य के स्वास्थय के लिए नुकसानदायी हो सकती है। इसलिए आजकल जैविक कीटनाशी दवाओं पर जोर दिया जा रहा है। इनमें नीम पर आधारित कीट नाशी सबसे महत्वपूर्ण है और अब ये बाजार में भी उपलब्ध है। लेकिन आप नीम आधारित कीटनाशी को अपने घर या गाँव में भी बना सकते हैं। एक बाल्टी या मटके में नीम की पत्तिया भर लें। इसको अब पानी भरकर चार.पाँच दिन के लिए छोड़ दें। पांचवे दिन पत्तियों को पानी में अच्छी तरह मिलाकर घोल लें। अब इसे छान कर फसल पर छिड़काव करें। यह घोल फसल पर ठीक तरह चिपके इसके लिए एक ग्राम साबुन प्रति लीटर पानी में अवश्य मिलायें। इस छिड़काव से भृगं, फनका और दीमक की रोकथाम आसानी से की जा सकती है। अन्य जानकारी के लिए CCAFS की हैल्पलाईन 9992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



20 SEPTEMBER

Morning:

करनाल जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। नमस्कार। यह संदेश आपको CCAFS कि तरफ से दिया है । हरियाणा कृषि विश्व विद्यालय के धान अनुसंधान स्टेशन कौल से मिली मौसम आधारित कृषि सलाह के अनुसार धान में अभी भी कीड़ों की रोकथाम के लिये सिफारिश की जा रही है। आमतौर पर मोनोक्रोटोफास 250 मिली लीटर मात्रा को 250 लीटर पानी में मिला कर एक एकड़ क्षेत्र पर छिड़काव करें या मेथाइल पेराथियान 2% घूड़ा 10 किलोग्राम प्रति एकड़ के हिसाब से धूड़े। तेले के लिए डाइक्लोरवोस 76 ईण्सीण् 125 मिली लीटर या Carbaryl 50 डब्ल्यू-पी का 200 लीटर पानी में घोलकर दस दिन के अन्तर से छिड़काव करें। अधिक जानकारी के लिए CCAFS की हैल्पलाईन 9992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



20 SEPTEMBER

Evening :

करनाल जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। नमस्कार। धान के बाद कणक का खेत तैयार करने के लिए धान की भूमि को जलाने से वातावरण भी खराब होता है और खेत के कई जीवाणु भी मर जाते हैं साथ ही भूमि को फसल के भूसे से जो जीवांश मिलना था वो भी बर्बाद हो जाता है। HAPPY SEEDER की सहायता से धान के खेत में अब गेहूँ की सीधी बुवाई कर सकते हैं। HAPPY SEEDER के ज्लदम सिर्फ दो इंच चौड़ी कुछ बनाते हैं जिसमें बीज और खाद को जमीन में सही गहराई पर पोरा जा सकता है। गेहूँ की बुवाई र्में मतव ज्पसस अपनाने के लिये HAPPY SEEDER काम में लेना बड़े फायदेमंद साबित हो रहा है। इस बार कलाईमेट स्मार्ट गाँव में भी HAPPY SEEDER अपना कर जरूर देखें। अधिक जानकारी के लिए CCAFS की हैल्पलाईन 9992220655पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



22 SEPTEMBER

Morning :

करनाल जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। आप सभी को CCAFS का नमस्कर। हम आपको यह याद दिलाना चाहते हैं कि इस बार खरीफ फसल की कटाई के तुरन्त बाद खेत से मिट्टी का नमूना अवश्य लें और उसे मिट्टी परिक्षण प्रयोगशाला में जाँच के लिये भेजे। जाँच के अनुसार आपके खेत के लिए गेहूँ में खाद की सिफारिश बनाने में आसानी रहेगी। हमें खाद का प्रभावी प्रयोग करना है जिससे कि हमारी लागत का सही लाभ मिल सकें। खेत में पाँच.छ जगहसे मिट्टी का नमूना छ इंच गहराई तक लें। जहां से नमूना ले रहे है उस स्थान पर पहले फसल का भूसा या खरपतवार हटा दें। पानी जमाव वाली जगह सिंचाई के नाली खेत के किनारेए पेड़ के नीचे या खाद रखें स्थान से नमूना लें। हर जगह से ली गई मिट्टी को अच्छी तरहा से एक सार निकालें। करीब आधा किलोग्राम मिट्टी साथ थैली में भरकर अपना नाम और गाँव लिखकर प्रयोगशाला को भेजें। अधिक जानकारी के लिए CCAFS की हैल्पलाईन 9992220655पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



22 SEPTEMBER

Evening :

करनाल जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। नमस्कार। यह संदेश आपको CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है। कल हुई बारिश से कुछ खेतों में पानी भर गया है। अभी वर्षा थमी नहीं है और बादलों के आसार अभी भी बने हुए है। खेत में ज्यादा पानी न खड़ा रहने दें। जरुरत हो तो खेत से पानी को निकालने का प्रबन्ध करें। साथ ही खेत की निगरानी भी जारी रखें। आपको कुछ समस्या खेत में दिखाई दे तो CCAFS की हैल्पलाईन पर बे झिझक सम्पर्क करें। हम आपकी खेत की समस्या का समाधान बताने के लिए पूरी कोशिश करेगें। धन्यवाद।



23 SEPTEMBER

Morning:

करनाल जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। नमस्कर। खरीफ फसल की कटाई के बाद जब आप मिट्टी का नमूना जाँच प्रयोगशाला को भेजे तो साथ में अपने TUBE WELL के पानी का नमूना भी जाँच ले लियें भेजें। पानी का नमूना लेने के लिये एक साफ बोतल का इस्तेमाल करें। पानी का नमूना लेने के लिए पहले TUBE WELL को कुछ मिनट तक वैसे ही चलने दें। फिर नमूने के लिये बोतल में पानी भरें। TUBE WELL चलाने के एक दम बाद पानी लेने से उसमें पानी के साथ मिट्टी भी आ सकती है। TUBE WELL के पानी में कई घुलनशील पदार्थ हो सकते हैं जो हमें दिखाई नहीं देते लेकिन भूमि पर या फसल पर असर डाल सकते हैं। समय.समय पर पानी की जाँच भी कराते रहना चाहयें। अधिक जानकारी के लिए CCAFS की हैल्पलाईन 9992220655पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



23 SEPTEMBER

Evening :

करनाल जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। आप सभी को CCAFS का नमस्कर। गोबर की खाद में फसल के लियें पोषक तत्व बने रहे इसके लिये यह आवश्य है कि गोबर को गड्डे में डाले। गोबर का सिर्फ ढेर लगा देने से खाद पूरी नहीं सड़ती है न ही उसमें पूरे पोषक तत्व रहते हैं। खाद कच्ची रह जने से उसमे दीमक आ जाती है और खरपतवार के बीज भी रह जाते हैं। जरूरी है कि गोबर का खाद गड्डों में ही तैयार करें। खाद जल्दी पक जाय इसके लिये आजकल इसमें कुछ जीवाणु भी डाले जा सकते हैं जो आपको कृषि विश्वविद्यालय या अनुसंधान स्थानों से मिलेंगे। गोबर की खाद को और भी ज्यादा पोषक तत्व वाला बनाने के लिये खाद के गड्डे में जिप्समए राकफास्फेटए सुपर फास्फेट आदि मिलाया जाना जाहिये। अधिक जानकारी के लिए CCAFS की हैल्पलाईन 9992220655पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



24 SEPTEMBER

Morning:

करनाल जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। नमस्कार। इस समय धान के खेत में लगातार निगनारी रखना आवश्यक है। कीड़ों में तेले का प्रकोप या देर से रोपी गई धान में तना छेदक भी देखा जा सकता है। आसमान साफ होने के साथ दिन का तापमान बढ़ने पर रोग के लक्षण पौधों पर दिखाई दे सकते हैं। हमने आपको धान में कीड़ें . बीमारियों के रोकथाम की दवा कई बार बताई है उन्हे काम में लें अगर आपक याद नहीं रख पाते हैं तो CCAFS की हैल्पलाईन 9992220655 पर फोन करके फिर से यह जानकारी लें। धन्यवाद।



24 SEPTEMBER

Evening :

करनाल जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। नमस्कार। खेत में जीवांश की मात्रा बढ़ाने के लिये गोबर की खादए कम्पोस्ट खादए हरी खाद की चर्चा की जाती है। इसी कड़ी में हम खली भी खाद के रुप में ले सकते हैं। सारी तिलहन फसलों की खली जो आप लोग पशु आहार के रुप में काम में लेते हैं इनकों खाद के रुप में भी काम में लिया जा सकता है। कुछ खली तो ऐसी हैं जिनको पशु आहार के रुप में काम में नहीं लिया जाता है उसे खेत में डालना चाहिये। नीम की खली तो दोहरा काम करेगें। जीवाशं मात्रा भी बढ़ायेगी और जमीन में रहने वाले कीड़ों पर नियंत्रण करेगी। खेत में जीवाशं की मात्रा बढ़ाये और खेत बचायें। धिक जानकारी के लिए CCAFS की हैल्पलाईन 9992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



25 SEPTEMBER

Morning:

करनाल जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। आप सबको CCAFS का नमस्कार। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार आज और कल आपके जिले में आसमान में हल्के बादल छाये रहेंगे। कहीं - कहीं हल्की वर्षा भी हो सकती है। दिन का अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस और रात्रि का न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। 6-10 किलोमीटर प्रति घन्टे की रफ्तार से दक्षिणी पूर्वी या पूर्वी हवा चलेगी। सुबह हवा में नमी 70% के करीब और दोपहर में 41-43% तक रहेगी। रोग या कीड़ों के रोकथाम के लिये साफ मौसम रहने पर ही कोई छिड़काव करें। अधिक जानकारी के लिए CCAFS की हैल्पलाईन 9992220655पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



25 SEPTEMBER

Evening :

करनाल जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। सभी को CCAFS का नमस्कार। आपके धान की उपज में किस्म या प्रजाति की शुद्वता बनी रहे और आपको बीमारी रहित स्वस्थ बीज मिले उसके लिये यह आवश्यक है कि खेत से रोग ग्रस्त पौधों को निकालें। रोग ग्रस्त पौधों को उखाड़ने के बाद उन्हे जमीन में गाड़ दे या जला दें। इससे आपको सिर्फ रोग ग्रस्त बीज ही नहीं मिलेगा बल्कि रोग के जीवाणु जो भूमि में फैल जाते हैं उनसे भी छुटकारा मिलेगा। ऐसे पौधे जिनकी बढवार अलग ढंग से हो रही है उन्हे भी निकाले। ये पौधे या तो किसी दूसरी किस्मध्प्रजाति के है या जीवाणु प्रभावित है। खेत और खलिहान को रोग मुक्त रखें और अपनी भूमिको स्वस्थ रखें। अधिक जानकारी के लिए CCAFS की हैल्पलाईन 9992220655पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



26 SEPTEMBER

Morning:

करनाल जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। यह संदेश आपको CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है। धान की फसल में अंगमारी या BLIGHT रोग एक बड़ी समस्या बन सकता है। इस रोग की रोकथाम के लिये हमने पहले भी जानकारी दी थी। सबसे पहले तो रोग ग्रस्त पौधों को निकाल कर नष्ट करें। खेत से और खेत के आसपास से भी खरपतवार निकाले क्योंकि इस रोग की फफूंद वहां से बीमारी फैला सकती है। रोग ग्रस्त खेत का पानी दूसरे रोग हीन खेतों में न जाने दें। यूरिया खाद देने से पत्ते अधिक देर तक पानी हरे और नम रहते हैं जिन पर बीमारी आसानी से फैलती है। रोग दिखाई देने पर यूरिया खाद न दें। अगले वर्ष रोग रोधी किस्म लगाये। अधिक जानकारी के लिए CCAFS की हैल्पलाईन 9992220655पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



26 SEPTEMBER

Evening :

करनाल जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। आप सभी को CCAFS का नमस्कार। जलवायु परिवर्तन के कारण गर्मी बढ रही है। खेती पर इसका बुरा प्रभाव पड़ा है। खासकर रबी फसलों में और गेहूँ में बढती गर्मी से उपज में कमी देखी गई है। गेहूँ की फसल सब पकने को होती है तो दाने की दूधिया अवस्था पर तापमान अचानक बढ जाता है और दाना सूकड़ा हुआ रह जाता है। इसी तरह कभी बीजाई के समय इतनी गर्मी रहती है कि गेहूँ कि गेहूँ की सामान्य बुवाई के लिये कुछ इन्तजार करना पड़ता है। गेहूँ की फसल को कुछ बढ़वार के लिये जो समय चाहिये वह पूरा नहीं मिलता है। कृषि अनुसंधान में इन सब बातों को ध्यान रखते हुए कुछ नई पद्वतियां तथा प्रजातियां विकसित की है जिनकी जानकारी हम आपको देते रहेगे। इन संदेशों को लगातार सुनते रहे और अधिक जानकारी के लिये CCAFS की हैल्पलाईन 9992220655 फोन करें। धन्यवाद।



27 SEPTEMBER

Morning:

करनाल जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। नमस्कार। यह संदेश आपको CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है। जब फसल पकने को होती है तो खेतो में चूहों का प्रकोप भी बढ जाता है। चूहे पौधों को कुतर देते हैं। बालियों से दाने खाने के लिए धान के पौधों को झुका कर तोड़ देते हैं। खेत के किनारों या मेड़ों के पास के पौधों को तो विशेष नुकसान पहुचाते हैं। चूहों की रोकथाम के लिये एक भाग चूहा मार दवा जिंक फासफाइड दो भाग मूंगफली या तिल का तेल और 47 भाग आटा मिलाकल विषैलि गोलियां बनाये। इन गोलियों को खेत में चूहों के बिल के पास रख दें। पहले दो दिन तक बिना जहर की गोलियां रखें जिससे चूहें उनको खाने की आदत डाल लें फिर दो दिन बाद जहर मिली गोली रखें। चूहों के बिलों में सेलफोन की गोलियां रख कर भी इनकी रोकथाम की जा सकती है लेकिन गोलियां रखने के बाद बिलों को तुरन्त बंद करना आवश्यक है। अधिक जानकारी के लिये CCAFS की हैल्पलाईन 9992220655 फोन करें। धन्यवाद।



27 SEPTEMBER

Evening :

करनाल जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। आप सभी को CCAFS का नमस्कार। वायुमण्डल की हवा में अठ्हत्तर प्रतिशत नाइट्रोजन है। हवा की इस नाइट्रोजन को जीवाणुओं की मदद से फसल में काम लिया जा सकता है। दलहनी फसल में यह काम राइजोबियम जीवाणु के द्वारा होता है और गैर दलहनी अनाज और तिलहन मेंए Azotobacter biofertiliser जीवाणु के द्वारा यह काम किया जा सकता है। Azotobacter biofertiliser प्रयोग से प्रति एकड़ 10.20 किलोग्राम यूरिया की बचत की जा सकती है और लगभग 10.15: उपज में वृद्वि की जा सकती है। इसी तरह फास्फोरस खाद का प्रभाव बढ़ाने के लिये Phosphobecteria का उपयोग किया जा सकता है। गेहूँ की बिजाई के समय बीजोपचार कर या भूमि में मिलाकर हम इन biofertiliser को काम में लेगी। CCAFS के इन संदेशों को लगातार सुनते रह कर आप खेती की लागत कम करे और अधिक मुनाफा कमायें। धन्यवाद।



28 SEPTEMBER

Morning:

करनाल जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। यह संदेश आपको CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है। मौसम विभाग और हरियाणा कृषि विश्व विद्यालय के धान अनुसंधान स्टेशनए कौल से मिली जानकारी के अनुसार करनाल जिले में अगले दो दिनों में आसमान में हल्के बादल देखे जा सकते है और कहीं-कहीं हल्की बूंदा बांदी भी हो सकती है। आमतौर पर मौसम साफ रहेगा। दिन का अधिकतम तापमान 34-36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23-24 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। सुबह के समय हव में नमी 70% के आसपास और दोपहर में 45% के आसपास रहने की सम्भावना है। औसतन 5.6 किलोमीटर प्रति घन्टे की रफतार से दक्षिणी पूर्वी हवा चलेगी। ऐसे मौसम में धान के खेत में आवश्यकतानुसार सिंचाई करें और तेला और पत्ता लपेट कीड़ों की रोकथाम पर ध्यान दें। अधिक जानकारी के लिये CCAFS की हैल्पलाईन 9992220655 फोन करें। धन्यवाद।



28 SEPTEMBER

Evening :

करनाल जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। नमस्कार। यह संदेश आपको CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है। आजकल आमतौर भूमि में छः पौषक तत्वों की कमी देखी जा रही है। ये तत्व है नाइट्रोजनए फास्फोरसए पोटाशए सल्फरए जिंक और बोरोन। सभी पोषक तत्वों का फसल उत्पादन में अलग-अलग महत्व है। कोई भी तत्व दूसरे तत्व की जगह नहीं ले सकता है। अगर जिंक की कमी है तो जिंक डाल कर ही उसकी कमी पूरी करनी है। साधारणतौर पर जब हम खेत की मिट्टी की जाँच करवाते हैं तो हमें प्रमुख पोषक तत्व. नाइट्रोजनए फास्फोरस और पोटाश की सिफारिश दी जाती है लेकिन अब दूसरे तत्वों की भी कमी देखी जा रही है तो यह आवश्यक हो गया है कि सूक्ष्म तत्वों के लिये भी मिट्टी के नमूनों की जाँच करायें। गेहूँ में भरपूर पैदावार लेने के लियें हमें सूक्ष्म तत्वों की भी सिफारिश मिट्टी की जाँच के आधार पर ले लेनी चाहियें। अधिक जानकारी के लिये CCAFS की हैल्पलाईन 9992220655 सम्पर्क करें। धन्यवाद।



29 SEPTEMBER

Morning:

करनाल जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। नमस्कार। यह संदेश आपको CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है। आपके गाँवों में धान की अगेती किस्में पकाव पर आकर कटने को। बासमती धान अभी दाने बनने की दूधिया अवस्था में है। अभी फसल में NECK BLAST व बदरा रोग के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। साथ ही तेले का प्रकोप भी देखने को मिल रहा है। हमने आपको दोनो के लिये दवाईयों की अलग से जानकारी दी है। यदि किसी क्षेत्र में बीमारी और कीट का प्रकोप एक साथ है तो आप बताये गये निदहपबपकम और प्देमंजपबपकम मिला कर भी SPRAY कर सकते हैं। आवश्यकता होने पर 10 दिन बाद फिर SPRAY करें। इस अवस्था में खेत में सूखा न लगने दे। अधिक जानकारी के लिये CCAFS की हैल्पलाईन 9992220655 सम्पर्क करें। धन्यवाद।



30 SEPTEMBER

Morning:

करनाल जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। आप सभी को CCAFS का नमस्कार। कुछ दिनों बाद आप अपनी धान की उपज मण्डी में ले जायेगें जहां सरकारी खरीद भी हो रही होगी। वे आपके धान की उपज को देखते हैं और खरीदने न खरीदने या कुछ कट लगाने के निर्णय लेते है। क्या आपको मालूम है यह निर्णय किस आधार पर लिया जाता है FCI (food corporation of india) खाद्य निगम ने धान की खरीद के लिये कुछ विशेष मापदण्ड बनाये हैं। इसमें दो बाते खास हैं एक तो दानों में नमी का प्रतिशत और दूसरा उसमें घूलए भूसाए टूटे दागी अधपके और सुकड़े दाने और निम्न श्रेणी के दानों की मात्रा। तो यह जरुरी है कि मण्डी में ले जाने से पहले आप धान की उपज को ठीक से सूखा लें दानों में नयी 14-15% हो। दानों को ठीक से साफ करें। छान ले। तो किस्मों को एक साथ न मिलायें। निर्धारित मापदण्डों का ध्यान रख कर बाजार से अपनी उपज पर सही दाम पाये। अधिक जानकारी के लिये CCAFS की हैल्पलाईन 9992220655 सम्पर्क करें। धन्यवाद।


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