Vaishali Voice message April 2014


01 April

क्लाईमेट स्मार्ट गाँव के सभी किसान भाई-बहनों को CCAFS का नमस्कार। जब भी हम खेत से फसल काटते है तो उसके साथ ही फसल द्वारा जमीन से लिये गये पोषक तत्व भी जमीन में कम हो जाते हैं। फसल द्वारा लिये गये पोषक तत्व अगर वापस जमीन को नहीं दिये गये तो इन तत्वों की जमीन में कमी आयेगी और उसका फसल की उपज पर प्रभाव पड़ेगा। हम अपनी फसल को रसायनिक खाद के रुप में दो-तीन या चार तत्व ही दे पा रहे हैं औरदूसरे सूक्ष्म तत्वों की भरपाई नहीं हो पा रही है। सूक्ष्म तत्वों की भरपाई करने का सरल तरीका यह है कि हम देसी खाद का प्रयोग करें। इससे लगातार सूक्ष्म तत्व भी मिलते रहेगें। औरभूमि की भौतिक दशा में सुधार होगा। भूमि में फसल उपयोगी कई जीवाणु भी पनपेगे। अच्छी देसी खाद बनाने के लिये वर्मीकम्पोस्ट तकनीक अपनाये। धन्यवाद।



02 April

वैशाली जिले के क्लाईमेट स्मार्ट गाँव के सभी किसान भाईयों और बहनों। नमस्कार। यह संदेश आपको CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार आपके जिले के मौसम में आगामी तीन-चार दिन मे कोई विशेष बदलाव नहीं दिखाई दे रहा है। हालाकि शुक्रवार चार अप्रैल को कहीं कहीं गरज के साथ छीटे पड़ सकते हैं। आमतौर पर मौसम साफ और शुष्क रहेगा। दिन का अधिकतम तापमान 38-39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21-23 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहेगा। सुबह के समय हवा में नमी 19-28% औरदोपहर बाद 8-11% रहने की सम्भावना है। आज हवा की दिशा पिछवा होगी लेकिन परसों से यह बदल कर पूर्वा हो जायेगी। इन दिनों हवा की गति 5-11 किलोमीटर प्रति घन्टे रहने का पूर्वानुमान है। इस समय गेहूँ की फसल पकाव की अवस्था में आकर कटने योग्य हो रही है। साफ मौसम में फसल की कटाई करें और दौनी कर फसल का सुरक्षित भण्डारण करें। धन्यवाद।



03 April

क्लाईमेट स्मार्ट गाँव के सभी किसान भाईयों और बहनों। नमस्कार। यह संदेश आपको CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है। गेहूँ की कटाई का समय आ गया है लेकिन मौसम साथ नहीं दे पा र्हा है। यह हो सकता है कि जो दाने निकाले उनमें नमी का प्रतिशत सामान्य से ज्यादा रह जाय। इस तरह के अधिक नमी वाले गेहूँ के भण्डारण में विशेष ध्यान देना होगा। यदि हम फसल को वर्षा के डर से सुरक्षित स्थान पर ले गये हैं तो उसे वापस मौसम खुलने पर धूप में सूखाये। भण्डारण समय के बीच यह भी देखे कि फसल उत्पादन में नमी के कारण कोई सड़न या फंफूद तो नही लग रही है। इससे बचाव के लिये धूप लगाने से पहले भी इसे उपर नीचे करते रहें। फसल उगाने की आपकी मेहनत को अस्थिर मौसम के कारण बेकार न होने दें। धन्यवाद।



04 April

क्लाईमेट स्मार्ट गाँव के सभी किसान भाईयों और बहनों को CCAFS नमस्कार। गेहूँ की कटाई-गहाई के समय खेत और खलियान में दुर्घटना की सम्भावना ज्यादा रहती है। कभी सूनने को मिलता है कि किसी खेत या खलियान में आग लग गई है और पूरी फसल का नुकसान हो गया है। कभी यह भी सूनने को मिलता है कि खेत में काम कर रहे किसान का थ्रेशर में हाथ आने से हाथ कट गया है या पट्टे या पुली में कपड़े उलझने के कारण गम्भीर चोट लग गई है। हमें इन सब दुर्घटनाओं से बचते हुए जान-माल की रक्षा करनी है। सबसे महत्वपूर्ण बात तो यह है कि इन दिनों खेत और खलियान में बीड़ी सिगरेट न पीये। नशा करके भी कटाई-गहाई न करें। थ्रेशर या कम्पाइन पर काम करते समय ढीले कपड़े न पहने। थ्रेशर या कम्बाईन में किसी तरह से चिंगारी न बने। इसके नट बोल्ट सही कसे हुए हो और पट्टे ठीक से कसे हुए हो। बच्चो को भी इन कामों से दूर रखें। सावधानी बरतने में ही होशियारी है। धन्यवाद।



05 April

क्लाईमेट स्मार्ट गाँव के सभी किसान भाईयों और बहनों को CCAFS नमस्कार। अक्सर गेहूँ की फसल में बिमारियों की रोकथाम के लिये बीजों का रसायनिक दवाईयों से उपचार किया जाता है। लेकिन रसायनिक दवाईयों को नहीं काम में लेकर भी हम खुली कांगियारी या लूज स्मट रोग की रोकथाम कर सकते हैं। इसके लिये बीजों का धूप उपचार करना होगा। उन दिनों में जब कड़ी धूप पड़ रही हो, गेहूँ के बीज को सुबह चार घन्टे तक पानी में डूबा कर रखें। फिर भिगोये हुए बीज की एक पतली परत पक्के फर्श पर फैला दें। एक एकड़ बीज को लगभग पन्द्रह वर्ग गज पक्के फर्श पर फैलये। बीज को दिन भर पूरा सूखने दें। बीज को किसी तरह से ढके नहीं। सूखाये गये इस बीज का बोने के समय तक सूखे स्थान पर भण्डारण करें। धूप से बीज उपचारित करने के बाद किसी दवा से बीजोपचार करने की जरूरत नहीं रहेगी। CCAFS द्वारा प्रसारित इन सन्देशों को लगातार सुनते रहे और लाभ प्रद जानकारियां हांसिल करें। धन्यवाद।



06 April

वैशाली जिले के क्लाईमेट स्मार्ट गाँव के सभी किसान भाईयों और बहनों के लिये यह संदेश CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार आपके जिले में अगले तीन-चार दिन तक मौसम में किसी विशेष बदलाव की उम्मीद नहीं है। दिन का अधिकतम तापमान 37-38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19-20 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहेगा। हवा में सुबह के समय नमी 30-47% और दोपहर में 13-16% के बीच रहने का अनुमान है। हवा की दिशा पूरवा होगी और हवा की गति रहेगी 9-13 किलोमीटर प्रति घन्टा। साफ और शुष्क मौसम गेहूँ की कटाई और दौनी करने के लिये उपयुक्त है। खेत और खलिहान में दुर्घटनाओं के प्रति सजग रहते हुए गेहूँ की कटाई और दौनी का काम पूरा करें। अनाज को सूखा कर ही उसका भण्डारण करें। धन्यवाद।



07 April

वैशाली जिले के क्लाईमेट स्मार्ट गाँव के सभी किसान भाईयों और बहनों के लिये यह संदेश CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है। गेहूँ की फसल की कटाई के बाद यदि हमारे खेत खाली हैं तो हमें खेत सुधाराने की तरफ भी ध्यान देना चाहिये। गर्मी की गहरी जुताई की बात आपको बताई गई थी। एक और महत्वपूर्ण बात है खेत को सही तौर पर समतल बनाने की जब हम खेत में पानी देते हैं तो पानी कही खडा दिखता है या कुछ हिस्सा सूखा दिखता है तो इसका मतलब है कि खेत सही मायने में समतल नहीं है। खेत के समतल न होने से बोये गये बीजों के अंकुरण पर भी प्रभाव पड़ता है। साथ ही पानी और पोषक तत्वों का प्रभावी उपयोग भी नहीं हो पाता जिससे कृषि आदानो पर खर्च किया पैसा जायदा होता ही है और उपज में भी कमी आती है। लेजर लेवलिंग तकनीक से आपके पड़ोस के गांवों के किसान भाइयों ने भी उनके खेत समतल किये हैं और खेती में इसका लाभ लिया है। पतेपुर पंचायत के गांव कृष्णवाड़ा के श्री दिलीप सिंह इसके एक उधारण हैं। आप उनके अनुभवों और सेवा का लाभ ले सकते हैं। उनका नम्बर है 9973123205 पत्तेपुर गांव के कई अन्य किसानों ने भी एक तकनीक को अपना कर लाभ लिया है। आप भी लेजर लेवलिंग तकनीक अपनायें। धन्यवाद।



08 April

क्लाईमेट स्मार्ट गाँव के सभी किसान भाई बहनों के लिये यह संदेश CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है। रबी फसल की कटाई के साथ ही हमें खरीफ की फसल के बीजाई के लिये आवश्यक कामों पर भी ध्यान देना है। इस सिलसिले में हमने आपको लेजर लेवलिंग, वर्मी कम्पोसटिंग बीज के प्रबन्ध और मिट्टी की जांच के बारे में बताया था। इन सबके साथ ही हमें खाद की उपलब्धता पर भी ध्यान देना है। धान की नर्सरी और फसल के लिये आवश्यक खाद का प्रबन्ध भी हमें समय रहते ही सुनिश्चित कर लेना है। यूरिया, डीएपी, म्यूरेट ऑफ पोटाश, जिंक और जिप्सम की आपको आवश्यकता हो सकती है। पहले से ही खाद की व्यवस्था कर लेने से आप आखिरी समय की भाग दौड़ से बच जायेगें और फसल को खाद की कमी का नुकसान नहीं झेलना पड़ेगा तो जब आप गेहूँ को मण्डी में ले जाये तो लौटते समय खरीफ की आवश्यकता का खाद भी लेते आयें। धन्यवाद।



09 April

वैशाली जिले के क्लाईमेट स्मार्ट गाँव के सभी किसान भाईयों और बहनों के लिये यह संदेश CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार आज से रविवार तक आपके जिले में मौसम गर्म रहेगा। दिन का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे उपर भी पहुंच सकता है। रात में न्यूनतम तापमान 22-24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम शुष्क रहेगा और सुबह के समय हवा में नमी 11-22% रहेगी जो दोपहर बाद सिर्फ 5-12% तक रह जायेगी। पहले तीन दिन पिछवा हवा चलेगी, बाद में हवा की दिशा बदल कर पूरवा हो जायेगी। हवा की गति रहेगी 7-11 किलोमीटर प्रति घन्टा। गेहूँ की फसल की कटाई-गहाई करें। अनाज को ठीक से सूखा कर उसका भण्डारण करें और बाजार ले जाये धन्यवाद।



11 April

वैशाली जिले के क्लाईमेट स्मार्ट गाँव के सभी किसान भाईयों और बहनों। नमस्कार। यह संदेश आपको CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है। हमने आपको बताया था कि गेहूँ की खेती के खर्चे का हिसाब किताब रखना है। आप में से कुछ लोग खर्च का हिसाब रख रहे होगें। जिन्होने खर्च का हिसाब नहीं रखा है वे अब भी याद कर अपना हिसाब बना सकते हैं। फसल की उपज और मण्डी से मिले भाव को देखकर आमदनी का सही पता लग जायेगा। साथ ही हमें यह भी ध्यान रखना रखना होगा कि हमने किस माह में ज्यादा खर्च किया है उसे कैसे बचाया जा सकता है। CCAFS द्वारा बताई गई कुछ तकनीको का आपके खर्च और आमदनी पर क्या प्रभाव पड़ा है इसकी भी जानकारी मिल जाएगी। आप अपने गेहूँ की खेती का लेखा जोखा अवश्य बनाये। धन्यवाद।



12 April

वैशाली जिले के क्लाईमेट स्मार्ट गाँव के सभी किसान भाईयों और बहनों। नमस्कार। कटाई के बाद जब आप गेहूँ को मण्डी ले जाये तो ध्यान रखे कि उसमें ज्यादा नमी न हो। दानों में नमी 12% अधिक न हो। 14% नमी वाले गेहूँ को खरीदने से मना किया जा सकता है। 12% से ज्यादा नमी होने पर वजन में कटौती की जाती है। इसके अलावा दानें कटे, सुकड़े, बदबूदार या बदरंग न हो। अनाज साफ हो उसमें खरपतवार के बीच कचरा, कंकड़ आदि न हो। यदि अनाज में कोई कीड़े दिखे तो प्रधुभनीकरण का खर्चा भी किसान से वसूला जाता है। अपनी उपज का सही दाम पाने के लिये गेहूँ को सूखांये, छाने और साफ सुथरा और सूखा अनाज ही मण्डी ले जाये ।



13 April

वैशाली जिले के क्लाईमेट स्मार्ट गाँव के सभी किसान भाईयों और बहनों के लिए यह संदेश CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है। मौसम विभाग से मिली जानकरी के अनुसार आपके जिले में आने वाले तीन-चार दिनों में मौसम साफ और शुष्क रहेगा। गर्मी में थोड़ी बढ़ोत्तरी होगी और अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। न्यूनतम तापमान 23-26 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। हवा में नमी सुबह के समय 18-20% और दोपहर बाद सिर्फ 7-9% रहने का अनुमान है। पूरवा हवा 6-12 किलोमीटर प्रति घन्टे से चलेगी। गेहूँ की कटाई और दौनी करें। खेत या खलियान में आग न लगे इसकी सावधानी बरते। धन्यवाद।



14 April

वैशाली जिले के क्लाईमेट स्मार्ट गाँव के सभी किसान भाई बहनों के लिये यह संदेश CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है। इस रबी के मौसम में जिस तरह मौसम बनता बिगड़ता रहा उसने हम किसानों को जलवायु परिवर्तन की समस्या को लेकर और भी ज्यादा ध्यान देने के लिये मजदूर किया है। जलवायु परिवर्तन के इस बदलाव को कैसे रोका जाय और इस परिवर्तन परिवर्तन के कारण किसान को जिन जोखिम का सामना करना पड़ रहा है उसमें जोखिम से बचने के क्या उपाय किये जाय ये सोचना जरूरी हो गया है। हमारी खेती पद्वति सैकड़ों सालों से टिकाऊ रही है। उस पद्वति में फसल विविधीकरण और एकीकृत कृषि का बड़ा योगदान रहा है। जलवायु परिवर्तन के जोखिम को कम करने के लिये ये कृषि पद्वतियां आज भी कारगर हैं। इन्हे जरूर अपनाये और अपनी खेती को बचायें। धन्यवाद |



15 April

वैशाली जिले के क्लाईमेट स्मार्ट गाँव के सभी किसान भाई बहनों के लिये यह संदेश CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है। हर घर में खाने के लिये जरूर गेहूँ रखा जायेगा। भण्डारण के समय गेहूँ कीड़ा या घून लगकर खराब न हो इसके लिये कोठी में प्रघुनीकरण करना जरूरी है। एल्यूमीनियम फास्फाइड जो बाजार में फासफ्यूम, सेल्फास किवकफास तीन ग्राम की एक गोली दस क्विंटल गेहूँ की एक गोली दस क्विंटल गेहूँ के लिये या एक हजार घन फुट जगह के लिये 7-10 गोलिया काम में लें। एल्यूमीनियम फास्फाइड का धुंआ उन्ही कोठियों या गोदामों में करें जो हवा बंद किये जा सके। कीटनाशक रखने के बाद सात दिन तक स्थान को हवा बंद रखें। भण्डारण से पहले गेहूँ को पूरा सूखाना भी जरूरी है। धन्यवाद।



16 April

वैशाली जिले के क्लाईमेट स्मार्ट गाँव के सभी किसान भाईयों और बहनों। नमस्कार। यह संदेश CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार आपके जिलें में अगले तीन-चार दिनों में मौसम विभाग में कोई विशेष बदलाव की सम्भावना नहीं है और मौसम साफ और शुष्क रहेगा। इन दिनों दिन का अधिकतम तापमान 41-42 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26-27 डिग्री सेल्सियस बना रहेगा। हवा में नमी सुबह के समय 15-23% और दोपहर बाद 8-11% रहने का अनुमान है। पूर्वा हवा औसतन 6-9 किलोमीटर प्रति घन्टे की रफतार से चलेगी। किसान भाई गेहूँ की कटाई और दौनी का काम पूरा करें। पशुओं को गर्मी से बचाने के लिये सुबह-शाम नहलाये और खुरपका- मुहं पका रोग से बचाव के लिये टीका भी लगवाये। धन्यवाद।



18 April

वैशाली जिले के क्लाईमेट स्मार्ट गाँव के सभी किसान भाइयों और बहन¨। यह संदेश आपको CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है। इस रबी मौसम में जलवायु परिवर्तन के पुरे लक्षण देखने को मिलें। शुरू में वर्षा अच्छी लगी क्योंकि सिंचाई में बचत हुई लेकिन बाद में कहीं कहीं ओले गिरने और पकाव के समय वर्षा होने से गेहूँ की फसल आड़े गिर गई और फसल का नुकसान हुआ। खरीफ मौसम के लिये मानसून के जो पूर्वानुमान मिल रहे हैं वो भी खास उत्साह वर्धक नही है। यह अनुमान है कि सामान्य से 25% कम वर्षा होगी। इसे इल नीनो प्रभाव कहा जा रहा है। देश के किस भाग में इसका क्या प्रभाव होगा इसे देखना होगा। हम किसानों का मौसम के बदलाव के प्रति सजग रहना चाहिये। अपनी खेती को जलवायु परिवर्तन रोकने और उसके अनुरूप खेती करने के तरीके को तो अपनाना ही है। लेकिन गैर कृषि कामों में पर्यावरण बिगडने वाले हर काम का विरोध भी करना है। वातावरण में धुंआ कम उगला जाय। आवश्यकता अनुरूप वृक्ष भी लगे और पानी की बचत हो उन सब तरीकों को आगे बढाना है। क्लाइमेट स्मार्ट खेती करके ही हम कृषि में टिकाऊ रह सकेगें। धन्यवाद।



19 April

वैशाली जिले के क्लाईमेट स्मार्ट गाँव के सभी किसान भाईयों और बहनों। नमस्कार। यह संदेश CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अगले तीन-चार दिन तक आपके जिलें में मौसम सामान्यतः गर्म रहेगा। हालाकि रविवार और सोमवार को आसमान में हल्के बादल रह सकते हैं। इन दिनों में ज्यादातर धूप और गर्मी रहेगी। दिन का अधिकतम तापमान 40-42 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 20-25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। पिछवा हवा 7-9 किलोमीटर प्रति घन्टे की रफतार से चलने की सम्भावना है। सुबह के समय हवा में नमी 11-21% और दोपहर बाद 6-12% रहने का अनुमान है। किसान भाई गेहूँ की कटाई और दौनी का कार्य पूरा करें। धन्यवाद।



20 April

वैशाली जिले के क्लाईमेट स्मार्ट गाँव के सभी किसान भाइयों और बहनो को CCAFS का नमस्कार। गेहूँ की फसल की कटाई के बाद हमें खरीफ की फसल के लिये देशी खाद बनाने का काम करना चाहिये। वर्मी कम्पोसिटिंग तकनीक से खाद जल्दी तैयार हो जाती है और उसमें पौध पोषक तत्वों की मात्रा भी ज्यादा बनी रहती है। वर्मी कम्पोस्ट तैयार करने के लिये 60 सेन्टीमीटर ऊंचाई और 90 सेंटीमीटर चौड़ाई की तीन-चार मीटर लम्बी क्यारियां बनाई जाती हैं। वर्मी कम्पोस्ट बनाने के लिये ऐसे स्थान को चुने जहां पानी जमा न होता हो और इस स्थान के ऊपर छाया का प्रबंध हो। वर्मी कम्पोस्ट बनाने की इस क्यारी में सबसे पहले पांच-छः इंच मोटी कड़बी भूसे की परत लगाये इसके उपर चार-पांच इंच मोटी गोबर की परत बिछाये फिर बारह से अठारह इंच मोटी फसल अवशेष या कूड़ा करकट की परत लगाये इसके ऊपर 1 से 2 इंच मोटी खेत की मिट्टी की परत लगा दें और उसमें प्रति घन मीटर के हिसाब से 400 से 500 केचुएं छोड़ दें और उन्हे पुरानी बोरी या कड़बी से ढंक दे। नमी बनाये रखने के लिये गर्मी के मौसम में प्रतिदिन 2-3 छिड़काव पानी का करें। जब सारी सामग्री सड़कर बारीक पाउडर हो जाय तो इसको खाद के रुप में इस्तेमाल करें। धन्यवाद।



21 April

वैशाली जिले के क्लाईमेट स्मार्ट गाँव के सभी किसान भाईयों और बहनों। नमस्कार। यह संदेश आपको CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है। गेहूँ की कटाई के बाद खेत खाली होने पर हमने आपसे मिट्टी का नमूना लेकर मिट्टी परिक्षण प्रयोगशाला भेजने की सलाह दी थी। इसी के साथ खरीफ की फसल में धान और मक्का की फसल के लिये आपके अपने खेत की भूमि, पिछली फसल के अवशेष के उपयोग, सिंचाई, फसल को उपज और आप द्वारा डाले जाने वाली खादों की जानकारी लेकर आपको न्यूट्रियेन्ट एक्सपर्ट की सहायता से खाद की सिफारिश बतायेगें। इस खरीफ में CCAFS के कार्य कृताओं की मदद से न्यूट्रियेन्ट एक्सपर्ट द्वारा सिफारिश की ही खाद उपयोग करें। अधिक जानकारी के लिये 09992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



22 April

वैशाली जिले के क्लाईमेट स्मार्ट गाँव के सभी किसान भाईयों और बहनों के लिये यह संदेश CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है। गेहूँ के बीच को धूप से उपचारित करके भी रोग मुक्त किया जा सकता है। गर्मी के किसी मौसम में रात और धूप वाले दिन सुबह 8 से 12 बजे तक बीज को 4 घन्टे पानी में भिगोने के बाद उसे खुली धूप में पतली परत के रुप में पक्के फर्श पर सूखा लें। पूर्णितिया सूखे बीज को दांतों से तोड़ने पर कड़क की आवाज आयेगी। सूखाये बीज को बिजाई तक किसी सूखे स्थान पर रखें। धूप उपचार से गेहूँ की खूली कांगियारी, पत्तो की कांगियारी और करनाल बंट बीमारियों के बीच जन्य जीवाणुओं का प्रभावी नियंत्रण हो जाता है। धूप उपचार के बाद किसी दवा से बीजोपचार की आवश्यकता नहीं रहती है।



23 April

वैशाली जिले के क्लाईमेट स्मार्ट गाँव के सभी किसान भाईयों और बहनों को CCAFS का नमस्कार। पिछली धान की और गेहूँ की फसल में जलवायु अनुकूल खेती करने के लिये आपको प्रतिदिन वाणी संदेश पहुचाये गये। आपने इन संदेशों को सूना और धान-गेहूँ की खेती में कुछ लाभ भी लिया। संदेशों को सुन कर हमारे प्रयासो को हितकारी माना उसके लिये CCAFS आपका धन्यवाद भी करता है। अब आपसे CCAFS के कार्यकर्ता कुछ जानकारी ले रहे हैं। आप में से ज्यादातर लोगो ने अपनी खेती व परिवार सम्बन्धी जानकारी उनको दी है। कुछ लोग अभी ये जानकारी नहीं दे पाये हैं। आप द्वारा दी जा रही जानकारी साइंसदानों द्वारा अनुसंधान के लिये ही काम में ली जायेगी। टेलिफोन पर ही आपसे सम्पर्क किया जा रहा है। मेहरबानी करके उनको सही जानकारी दिजिये। आपके द्वारा दी गई जानकारी से जलवायु परिवर्तन की दिशा में आगे के कार्यक्रम बनाने में सहायता मिलेगी। CCAFS आप सभी से इस काम में सहयोग की उम्मीद रखता है। धन्यवाद।



25 April

वैशाली जिले के क्लाईमेट स्मार्ट गाँव के सभी किसान भाईयों और बहनों को CCAFS का नमस्कार। मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार अगले तीन-चार दिन तक आपके जिलें में मौसम साफ और शुष्क बना रहेगा। दिन का अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस पहुंच सकता है। न्यूनतम तापमान 27-28 डिग्री सेल्सियस बना रहेगा। हवा में नमी बिल्कुल कम रहेगी, सुबह के समय 17-20% और दोपहर बाद 7-9% रहेगी। बदलती दिशा से हवा 6-11 किलोमीटर प्रति घन्टे की रफतार से चलेगी। गेहूँ की पकी फसल की समय से कटाई-मढाई कर लें। दानों को तेज धूप में सुखाने के बाद भण्डारित करें। पशुओं को धूप से बचाव के लिये छाया दार स्थान पर बांधे और दिन में कई बार ठण्डा और साफ पानी पिलाए। दुधारु पशुओं में खुरपका- मुंह पका बीमारी से बचाव के लिये टीका करण कराये। अधिक जानकारी के लिये CCAFS की हेल्पलाइन 09992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



26 April

वैशाली जिले के क्लाईमेट स्मार्ट गाँव के सभी किसान भाईयों और बहनों को CCAFS का नमस्कार। गेहूँ की फसल के बाद अगली फसल के बीच के समय में हमे घर और खेत के लिये कुछ फायदेमंद काम कर लेने चाहिये। ऐसा एक काम है गोबर गैस प्लांट लगाने का हम अभी भी गांव के रास्तों के किनारे गोबर का ढेर लगाते हैं। खुले में इस तरह से गोबर का ढेर लगाने से उसमें जो पौध पोषक तत्व है वो हवा में उड़ जाते हैं और वर्षा होने पर पानी में घुल कर बह जाते हैं। खुले में रखा गोबर पूरी तरह सड़ कर अच्छा खाद नही बनता है, उसमें दीमक और दूसरे कीड़े भी पनप जाते हैं। गोबर पोषक तत्वों का और साथ ही इंधन का अछा स्रोत्र है। गोबर के इन दोनों गुणों का पूरा लाभ लेने के लिये हमें गोबर गैस प्लांट लगाना चाहिये, इससे हमें बहुत अच्छी पोषक तत्वों से भरपूर खाद भी मिलेगी साथ ही जो गैस निकलेगी उससे घर में चूल्हा जलाने, प्रकाश के लिये बल्ब लगाने और इंधन चलाने तक जैसे काम भी कर सकते हैं। गोबर गैस लगाने से हम वातावरण को प्रदूषण मुक्त भी रखते हैं। जिन लोगों के पास कुछ पशु हैं उन्हे गोबर गैस प्लांट जरूर लगाना चाहिये। धन्यवाद।



27 April

वैशाली जिले के क्लाईमेट स्मार्ट गाँव के सभी किसान भाईयों और बहनों को CCAFS का नमस्कार। इस सप्ताह से गर्म हवाओं का दौर चालू हो जायेगा और दिन का अधिकतम तापमान 42-44 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। न्यूनतम तापमान 27-29 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। मौसम शुष्क रहेगा। हवा में नमी सुबह के समय 17-27% और दोपहर बाद 8-13 प्रतिशत रहने की सम्भावना है। बदलती हुई दिशा से हवा 4-17 किलोमीटर प्रति घन्टे की रफतार से चलेगी। गेहूँ की कटाई-मढाई और सुखाई का काम पूरा करें और खेत की एक गहरी जुताई करें। धन्यवाद।



29 April

वैशाली जिले के क्लाईमेट स्मार्ट गाँव के सभी किसान भाईयों और बहनों के लिये यह संदेश CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है। धान की प्रमुख संकर किस्में हैं पी.एच.बी.-71, के आर.एच-2, पंत संकर धान-1, पी.ए.-6444 और पूसा आर.एच-10। ये सभी मध्यम अवधि में पकने वाली किस्में हैं। इन सभी किस्मों की नर्सरी मई के अंत तक अवश्य डालनी चाहिये, जिससे की 20-25 दिन का बिचड़ा जून की तीसरे सप्ताह तक रोपा जा सके। पी.एच.बी.-71, के.आर.एच-2 और पी.ए-6444 किस्में 135-140 दिन में तैयार होती है और इनकी औसत उपज 75-90 क्विंटल प्रति हेक्टर रहती है। पूसा आर.एच.-10 और पंत संकर धान 110-120 दिन में तैयार होता है और औसत उपज 55-65 क्विंटल प्रति हेक्टर रहती है। समय रहते बीज का इन्तजाम करें और नर्सरी लगाये। धन्यवाद।


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