Vaishali Voice message September 2013


01 SEPTEMBER

Morning :

किसान भाइयों और बहनों। नमस्कार आपने बदलते हुए जलवायु का अनुभव जरूर किया होगा। जलवायु परिवर्तन क्यों हो रहा है। इससे खेती में होने वाले जोखिम से कैसे बचा जाय और इस जोखिम को कम करके जलवायु परिर्वतन को कैसे रोका जाय। इन सभी बातों को ध्यान में रखतें हुए आपके साथ काम करने के लिए बिहार में वैशाली जिले के चार गाँव. लक्ष्मीनारायणपुरए राजापाकर मुकुन्दपुर और डभाच्छा को क्लाईमेट स्मार्ट विलेज के रुप में चुना गया है। जलवायु परिवर्तन खेती और खाद सुरक्षा कार्यक्रम CCAFS ने यह विशेष परियोजना आरम्भ की है। इस कार्यक्रम में आपकी खेती को लाभ पहुंचाने और जलवायु परिवर्तन जोखिम को कम करने कि लिए कई बातों पर ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए हर दिन आपके मोबाईल पर दो संदेश दिये जायेगें। आप इन संदेशों को अवश्य ध्यान लगाकर सूनें और अधिक जानकारी की लिए हमें 09992220655 पर फने करें। CCAFS के इस कार्यक्रम से जुड़ने पर आपका स्वागत है।



01 SEPTEMBER

Evening :

वैशाली जिले के क्लाइमेट स्मार्ट विलेज के किसान भाइयों और बहनों। मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार अगले दो तीन दिनों आपके जिले में वर्षा जारी रहने की सम्भावना है। दो दिन बाद हवा का रुख बदल कर दक्षिण पूर्वी हो सकता है तथा हवा की गति भी 13-14 किलोमीटर प्रति घन्टे की रफतार तक जा सकती है। अधिकतम तापमान 34-36 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस के आस पास बना रहेगा। वर्षा के चलते खेतों में किसी तरह का छिड़काव न करें। धान के रोग ग्रस्त को पौधों को हटा कर नष्ट कर दें और रोग ग्रस्त खेत का पानी दूसरे खेत में न बहने दें। यह जानकारी आप को CCAFS के माध्यम से दी गई है। अधिक जानकारी के लिए 09992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद



02 SEPTEMBER

Morning :

क्लाइमेट स्मार्ट विलेज के किसान भाइयों और बहनों। यह संदेश आपको CCAFS द्वारा दिया जा रहा है।, धान की खड़ी फसल में रोपाई के 50 - 60 दिन बाद, बाली निकलने की अवस्था पर यूरिया देने की आवशकता होती है, आप के खेत में इस समय यूरिया खाद की मात्रा कितनी लगेगी ये तय होता है फसल के पत्तों पर हरा रंग देख कर, इसका सही अंदाज लीफ कलर चार्ट पर धान के पत्ते का रंग का मिलान कर के किया जा सकता है , यूरिया देने से पहले खेत में से पानी निकाल दें, यूरिया देने के बाद हल्की सिंचाई करे, नीम लेपित यूरिया काम लेने से उर्वरक नाइट्रोजन का ज्यादा उपयोग होता है, यूरिया की घुलनशील नाइट्रोजन भूमि में गहरी जा सकती है या गैस बन के हवा में उड़ सकती है, यूरिया का गलत उपयोग उसकी उपयोग क्षमता तो कम करता ही है, लेकिन जल-वायु परिवर्तन में भी सहयोग देता है। अतः सही मात्र में सही ढंग से यूरिया काम में लें । यह सन्देश आपको CCAFS की तरफ से दिया गया है । अधिक जानकारी के लिए 9992220655 पर संपर्क करें ।



04 SEPTEMBER

Morning:

वैशाली जिले के क्लाइमेट स्मार्ट विलेज के किसान भाइयों और बहनों। यह संदेश आपको CCAFS द्वारा दिया जा रहा है। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अगले तीन चार दिनों में आसमान में हल्के बादल छाये रहेंगें लेकिन वर्षा की सम्भावना कम है। पिछले दिनों अधिक वर्षा से यदि खेतों मेंए खासकर मक्का के खेतों मंई पानी जमा है तो उसके निकास का प्रबन्ध करें। दिन में गर्मी बढ़ सकती है और अधिकमत तामपान 38-39 डिग्री सेल्सियस रह सकता है जबकि न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की सम्भावना है। हल्की हवा चलेगी और हवा का रुख दक्षिण पूर्व का रहेगा। मौसम साफ होने पर आप धान के पौधों पर बीमारी या कीट से बचाव के लिए छिड़काव कर सकते हैं। धान के खेत में रोगग्रस्त पौधों को भी निकाल कर नष्ट कर दें और किसी जानकारी की आवश्यकता हो तो CCAFS की हैल्पलाईन 09992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



05 SEPTEMBER

Morning:

वैशाली जिले के क्लाइमेट स्मार्ट विलेज के किसान भाइयों और बहनों। नमस्कार। मक्का की फसल में मोचा निकलने से दाना बनने तक खेत में पर्याप्त नमी बने रहना अत्यन्त आवश्यक है। अभी वर्षा थमी ही है और खेत में पर्याप्त नमी है। हो सकता है कि किसी किसी खेत में जल निकाल का प्रबन्ध भी करना पड़े। यदि वर्षा रुक जाये और सूखा पड़ने लगें तो दाने में दूध बनते समय भूमि मेम नमी की कमी नहीं होनी चाहिये। ऐसी अवस्था में एक सिंचाई अवश्य करें। यह संदेश आपको CCAFS के तरफ से दिया गया है। अधिक जानकारी के लिए 09992220655 पर फोन करें। धन्यवाद



05 SEPTEMBER

Evening :

वैशाली जिले के क्लाइमेट स्मार्ट विलेज के किसान भाइयों और बहनों। CCAFS की तरफ से हम खेती और जलवायु परिवर्तन से जुड़ी जानकारियां आपको हमारे वाणी संदेशो के माध्यम से पहुंचा रहे है। इस साथ ही हमने एक हैल्पलाईन नम्बर 09992220655 भी आपकी सेवा में रखा है जहां आप संदेशों के बारे में या धान और मक्का की फसल की किसी और समस्या के बारे में जानकारी ले सकते हैँ। ऐसा पाया गया है कि हमारे कुछ किसान भाई बहन हैल्पलाइन पर करने में झिझकते हैं। हम आपसे एक बार फिर यह कहना चाहते हैं कि आप हैल्पलाइन पर फोन करने में किसी तरह की शंका मन में नही रखें और वो झिझक अपनी बात हमें बतायें। हमारा प्रयाय यही होगा कि आपकी समस्या का समाधान आप तक पहुंचायें। हमें आपके फोन का इन्तजार रहेगा। धन्यावाद ।



06 SEPTEMBER

Morning:

वैशाली जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। आप सभी को CCAFS का नमस्कार। धान की फसल में ऐसा समय आ गया है कि इस रोगग्रस्त पौधों और दूसरी किस्म के पौध जो अलग से ही बढ़वार ले रहें है उनको अलग करें। खास कर के वो किसान भाई जो इस फसल से ही अगले साल के लियें बीज रोकना चाहते हैं उनको यह काम खेत में करते रहना चाहियें। इससे आपको लगाई गई किस्म का शुद्व और स्वास्थ बीज मिलेगा साथ ही रोग के जीवाणु भूमि में पनपते रहने से भी बच जायेगा। इसलिए ये आवश्यक है कि आप अपने खेतों से दूसरी किस्मके धान के पौधों को और रोगग्रस्त पौधों को निकाल कर नष्ट कर दें। अधिक जानकारी के लिए CCAFS हैल्पलाईन 09992220655 परसम्पर्क करें। धन्यवाद।



06 SEPTEMBER

Evening :

वैशाली जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। नमस्कार। कीड़े बीमारियों की रोक थाम में सिर्फ दवाईयों का इस्तेमाल करना खर्चीला हो सकता है और साथ ही उससे फसल के उपज में और खेत में प्रदूषण भी फैल सकता है। इसलिए जरूरी है कि हम पहले से ही सचेत रहें। कीड़े और बीमारियों की प्रतिरोधी किस्मों को चुने। बीजोप्चार करें। खेत साफ रखें। खरपतवार न उगने दें। अधिक पानी और यूरिया खाद न दें। नीम आधारित बायों पेस्टीसाइड काम में ले। दवा का उपयोग उसी समय करें जब कीड़े नुकसान देने वाली संख्या में हो रहे हो। बीमारी के आरम्भिंक लक्षण दिखाई देने। चालु हो गये हो। कीड़ो को आकृषित करने के लिये फसल में PHEROMONE TRAP गाये। प्रकाश पाश (LIGHT TRAP) का भी उपयोग कर सकते हैं। लगातार एक ही फसल न उगाये। इन सब बातों का ध्यान रखेंगे तो हम फसल कोए भूमि को और पर्यावरण की स्वस्थ रकह पायेगें। यह संदेश आपको CCAFS के द्वारा दिया गया है। अधिक जानकारी के लिए हमारे हैल्पलाईन 09992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



08 SEPTEMBER

Morning:

वैशाली जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। नमस्कार। खाद के रुप में हम फसलों को पोषकतत्व देते हैं। ये पोष्क तत्व पौधों की खुराक हैऔर हर पोष्कतत्वों का पौधे में विशेष कार्य होता है। नाइट्रोजन तत्व जिसे हम अकसर यूरिया खाद द्वारा देते हैं पौधों की वानस्पतिक बढवार में मदद करता है पौधे का कद बढता हैए कल्ले ज्यादा फुटते है। पत्तियों में हरापन ज्यादा आता है। फास्फोरस का तत्व हम डीण्एण्पीए सुपरफास्फेट या N.P.K खादों से देते है। जड़ को बढाने का काम करता हैए फल और फूल बनने में मदद करता है। पोटाशतत्व म्यूरेट ऑफ पोटाश और N.P.K खाद के रुप में फसल को देते है इसका काम है तने को मजूबत करना पौधों में सूखा और बीमारियों को सहन क्षमता बढ़ाना। नाइट्रोजनए फास्फोरस और पोटाश प्रमुख पोषक तत्व है और फसल द्वारा इनका उपयोग अधिक मात्रा में होता है हर तत्व का अपना महत्व है और सभी तत्वों की पौधों को आवश्यकता है। किसी एक भी तत्व की कमी रहेगी तो फसल की उपज में कमी आयेगी। जिस तत्व की कमी होती है वो अपनी कमी के लक्षण पौधों पर छोडता है। अगले संदेशों में हम आपको फसल पर पोषक तत्वों की कमी के लक्षणों की जानकारी देंगे। धान और मक्का फसल पर अधिक जानकारी के लिए CCAFS की हैल्पलाईन 09992220655 पर फोन करें। आपका धन्यवाद।



08 SEPTEMBER

Evening :

वैशाली जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। यह संदेश आपको CCAFS द्वारा दिया जा रहा है। आपने कभी कभी आपने मक्का के खेत में यह देखा होगा कि कुछ पौधों के तने या पत्ते बैंगनी रंग के है। इन पौधों की बढ़वार भी रुक जाती है। अगर इन पौधों पर लगे भुट्टे आपत देखेंगे तो उन पर बीच बीच में दाने नहीं बने है। किसान भाइयों और बहनों ये सब फसल में फास्फोरस तत्व की कमी के लक्षण है। इसका मतलब है कि हमने फसल की बुवाई के समय पूरी मात्रा में फास्फोरस तत्व नहीं दिया है। यह जरूरी है कि हम मिट्टी की जाँच कराये और इसके अनुसार खेत में पौषक तत्व की मात्रा तय करें। खेत में पौधों की संख्याए पानी की उपलब्धीए खाद देने का तरीकाए पहले कौन सी फसल ली थी जैसी कई बातो पर भी यह निर्भर करता है कि कितना पौषक देना चाहिये। हर खेत की खाद मात्रा अलग हो सकती है। हम आपके खेत की आवश्यकता अब रबी की गेहूँ फसल के लिए NUTRIENT EXPERT के माध्यम से बतायेगें। अधिक जानकारी के लिए 09992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



09 SEPTEMBER

Morning:

वैशाली जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। नमस्कार। यह जानकारी आपको CCAFS द्वारा दिया जा रही है। मौसम विभाग से मिली सूचना के अनुसार आपके जिले में अगले तीन चार दिनों में हल्की वर्षा की सम्भावना बन रही है। दिन का अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास और न्यूनतम तापमान 26-27 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। हवा का रुख दक्षिणी पश्चिमी रहेगा और हवा की गति 8 किलो मीटर प्रति घन्टा रह सकती है। मक्का और धान के खेत में जल प्रबन्ध पर ध्यान दें। पानी का अधिक जमाव न होने दें। मक्का की फसल तो सूखे और पानी के जमाव दोनों ही परिस्थितियों को सहन नहीं कर पाती है। अधिक जानकारी के लिए CCAFS की हैल्पलाइन 09992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



09 SEPTEMBER

Evening :

वैशाली जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। आप सबको CCAFS का नमस्कार। आज हम आपको मक्का के खेत में पोटाशा तत्व की कमी के लक्षण बता रहे है। पोटाश की कमी के लक्षण पौधों के निचले पत्तों पर बनते है। नीचे की पत्तियों के किनारे पीले पड़ जाते हैए जो धीरे धीरे फैलते रहते हैं और बाद में ऐसा लगता है कि पत्ते झुलस गये है। पोटाश की कमी वाले भुट्टो का उपरी सीरा बिना दानों का रहेगा और कभी.कभी वो डेढ़ा भी हो जायेगा। एक अनुमान के अनुसार एकटन मक्का की उपज होने पर भूमि से 30 किलोग्राम नाइट्रोजनए 13 किलोग्राम फास्फोरस तथा 33 किलोग्राम पोटाशा तत्व निकल जाते हैं। अधिकांश फसलों में पोटाश तत्व सबसे ज्यादा अवशोषण होता है। यदि हम पोटाश उर्वरक का उपयोग नहीं कर रहें है तो भूमि में पोटाश की कमी होना तो स्वाभाविक है अतः अपने खेत की मिट्टी की जाँच कराते हुए सिफारिश के अनुसार सभी तत्वों का उपयोग करें। अधिक जानकारी के लिए CCAFS की हैल्पलाइन 09992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



10 SEPTEMBER

Morning:

वैशाली जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। CCAFS द्वारा जारी इस संदेश में हम आपको पौधों पर IRON यानि लौह तत्व की कमी के लक्षणों के बारे में जानकारी देगें। लौहे की कमी अकसर अन खेतों में देखने को मिलती है जिनकी पी.एच.मान 8 से ज्यादा होए भूमि में जीवांश पदार्थ कम हो और जहां भूमि में चूने की मात्रा ज्यादा हो। ऐसी जमीने जिनकी उपरी परत भूमि समतल करने के कारण या कटाव के कारण कट गई हो वहां भी लौहे की कमी के लक्षण दिखाई दे सकते हैं। लौहे की कमी के लक्षण नई पत्तियों की नसों के बीच पीली धारियों के कप में उभरते हैं। अधिक कमी होने पर पूरा पौधा ही प्रभावित हो जाता है और हल्का पीला या सफेद हो जाता है। धान की नर्सरी और मक्का पर लौह तत्व की कमी अक्सर देखी जा सकती है। FOROUS SULPHATE के एक प्रतिशत घोल का छिड़काव करके तत्व की कमी को दूर की जा सकती है। आवश्यकता हो तो 10 दिन बाद दुबारा छिड़काव करना चाहिये। एक एकड़ खेत में 6-8 टन गोबर का खाद या कम्पोस्ट देने से भी भूमि को पर्याप्त लौह तत्व मिल जाता है। अधिक जानकारी के लिए हमारे हैल्पलाईन 9992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



10 SEPTEMBER

Evening :

वैशाली जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। सभी को CCAFS का नमस्कार। खरीफ फसल की कटाई के बाद रबी में गेहूँ की खेती के लिये राष्ट्रीय कृषि विकास योजना और राष्ट्रीय खाद सुरक्षा मिशन के तहत हेपी सीडरए उन्नत बीजए सूक्ष्म तत्वों के उपयोग ZEROTILLAGE और SEED-CUM-FERTILISER DRILL, LASER LEVELLER, बीज उपचार DRUM आदि पर अनुदान या SUBSIDY का प्रबन्ध है। अनुदान प्राप्त करने के लिए कृषि विभाग से सम्पर्क करें। अधिक जानकारी के लिए CCAFS हैल्पलाईन 09992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



11 SEPTEMBER

Morning :

वैशाली जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। नमस्कार। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार आने वाले दो तीन दिनों में आप जिले में आसमान पर आशिंक रुप से बादल छाये रहेगें। कही कही हल्की बारिश होने की भी सम्भावना है। दिन का अधिकतम तापमान 36-38 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। जबकि न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आस पास रहेगा। हवा में अच्छी नमी बनी रहेगी। छ - सात किलोमीटर प्रति घन्टे की रफ्तार से दक्षिणी पूर्वी हवा चलेगी। धान के खेत में रोग ग्रस्त व मिलावटी प्रभेद के पौधों को निकालें। कीट व व्याधि नियंत्रण के लिये छिड़काव करें। खेत में 2 इन्च पानी खड़ा रखें। अधिक जानकारी के लिए CCAFS की हैल्पलाइन 09992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



11 SEPTEMBER

Evening :

वैशाली जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। नमस्कार। क्या आपको धान के खेत में पत्तियों पर तिल आकार के भूरे काले धब्बे बन रहे हैं। इन धब्बों के बीच का हिस्सा उज्ला या बैंगनी हो सकता है। धीरे धीरे यह धब्बे सभी पत्तियों पर फैल सकते हैं और दानों पर भी काले धब्बे बन सकते हैं। किसान भाइयों और बहनों ये धान का भूरी चित्ती रोग है जो बिचड़ा से लेकर दानों तक नुकसान पहुंचाता है। वैसे तो इसके नियंत्रण के लिये शुरू में ही बेविस्टीन से बीचोप्चार करना चाहिये लेकिन खड़ी फसल भूरी चित्ती रोग के लक्षण दिखाई दें तो मेन्कोजेब दवा ढ़ाई ग्राम प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें। एक एकड़ खेत के लिये 200-250 लीटर पानी लें। नाइट्रोजन की सिफारीश की गई मात्रा से अधिक का प्रयोग न करें। अधिक जानकारी के लिए CCAFS की हैल्पलाइन 09992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



12 SEPTEMBER

Morning:

वैशाली जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। आपको CCAFS का नमस्कार। खरीफ मक्का में मोचा निकलने के 35-40 दिन बाद भुट्टे परिपक्व हो जाते हैं। इस अवस्था में भुट्टे का उपरी छिलका भूरा हो जाता है हालाकि तना हरा रह सकता है। ऐसी अवस्था में कटनी करें। भुट्टे को अलग कर सूखने दें और दाना निकालें। तने की कुट्टी बनाकर पशुओं को चारे के रुप में दें। भण्डारण के समय या बाजार ले जाते समय दानों में नमी 15% से कम होनी चाहिये। अधिक जानकारी के लिए CCAFS की हैल्पलाइन 09992220655 पर फोन करें। धन्यवाद।



12 SEPTEMBER

Evening :

वैशाली जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। आपको CCAFS का नमस्कार। वैशाली जिले में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के अनर्तगत गेहूँ का उत्पादन और उत्पादनकर्ता बढ़ाने के लिये कइ तरह के कार्यक्रम और उनपर अनुदान उपलब्ध है। फसल प्रत्यक्षणए प्रमाणित बीज के वितरण सूक्ष्म पोष्क तत्वों के वितरणए क्षारीय भूमि सुधार हेतु जिप्सम या पाइराइट वितरणए डस्टरए स्प्रेयर और 10 होर्स पावर के डीजल पम्प सेट पर अनुदान की व्यवस्था है। अनुदान देय का लाभ प्राप्त करने के लिये स्थानीय कृषि विभाग से सम्पर्क करें। अधिक जानकारी के लिए CCAFS की हैल्पलाइन 09992220655 पर फोन करें। धन्यवाद।



13 SEPTEMBER

Morning:

वैशाली जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। आपको CCAFS का नमस्कार। क्या आपको यह मालूम है कि आपका जिला गेहूँ का उत्पादन बढ़ाने के लिये राष्ट्रीय खाद सुरक्षा मिशान के अनगिनत चयनित है। अगर आप यह जानते है तो आपको यह भी मालूम होगा कि गेहूँ की पैदावार बढ़ाने के लिये सरकार की तरफ से खेती के किन किन घटकों पर किसानों को कितना अनुदान मिलता है। हम आपको यह बताना चाहते हैं कि प्रमाणित बीज पर 7 रु प्रति किलोग्राम अथवा लागत का 50 प्रतिशत जो भी कम हो उतना अनुदान लाभ आप लें सकते हैं। गेहूँ के कौन कौन से प्रभेद पर यह अनुदान मान्य होगा और बीज कहां से प्राप्त कर सकते हैं इसके लिये अपने स्थानीय कृषि विभाग कार्यालय से सम्पर्क करें। इस सम्बन्ध में हम आगे भी आपको सूचना देते रहेंगे। इन संदेशों को लगातार सुनते रहें। धन्यवाद।



13 SEPTEMBER

Evening :

वैशाली जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। यह संदेश आपको CCAFS द्वारा दिया जा रही है। आपको यह पता है कि कभी कभी धान की बाली में दाने खखरी हो जाते हैं। दाने खखरी होने का कारण है गंधी बग जिसके शिशु और वयास्क कीट बाली की दूधिया अवस्था में दानों से रस चूस लेते हैं। गंधीबग के नियंत्रण के लिये मिथाईल पैराथियान ;पालीडोलद्ध 2 प्रतिशत का 10 किलोग्राम प्रति एकड़ की दर से भुरकाव करें। जो भाई बहन जैव कीटनाशी यानि BIOPESTICIDE का प्रयोग करना चाहते है वे नीम बीज पाउडर 5% का छिड़काव करें। अधिक जानकारी के लिए CCAFS की हैल्पलाइन 09992220655 पर फोन करें। धन्यवाद।



14 SEPTEMBER

Morning:

वैशाली जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। यह संदेश आपको CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है। लगातार खेती करते रहने से भूमि से सभी तत्वों की कमी होती जा रही है। वर्तमान समय में भूमि में अक्सर छ्ह पोषक तत्वों की कमी देखी जा रही है। उनमें है नाइट्रोजन फास्फोरसए पोटाश ए सल्फरए जिंक और बोरेन। आज हम धान फसल पर बोरेन की कमी के लक्षण धाम में उपर की पत्तियों पर दिखाई देते हैं। पत्तियों के सीरे भूरे रंग के हो जाते हैं। बाद में पूरे पत्ते पर अण्डाकार रुप में गहरें भूरे गंग के धब्बे धूप में नजर आते हैं कभी कभी बालियां खाली भी रह जाती है। बोरेन की कमी आमतौर अम्लीय भूमि और ऐसी जहां खेतों में जहां पर पानी का रिसाव ज्यादा होता है देखी जा सकती है। बोरान की कमी दूर करने के लिए रोपाई के समय 4 किलोग्राम बोरेक्स प्रति एकड़ या खड़ी फसल में बोरीक एसिड 500 ग्राम को 200 या 250 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें। अधिक जानकारी के लिए CCAFS की हैल्पलाइन 09992220655 पर फोन करें। धन्यवाद।



14 SEPTEMBER

Evening :

वैशाली जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। यह संदेश आपको CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है। क्या आपको यह मालूम है कि धान की अधिकतम कितनी उपज ली गई है। अधिकतम उपज थी 224 क्विंटल प्रति हेक्टयर या लगभग 90 क्विंटल पर्ति एकड़। ये अधिकतम उपज कहीं और नहीं आपके ही प्रदेश नालन्दा जिले में प्राप्त हुई और इतनी उपज लेने का श्रेय मिला दखेश पुरा गाँव ब्लाक कटरी सराय के किसान सुमन कुमार को। यह उपज एक विश्व रिकार्ड है। धान की खेती की जानकारी के लिये CCAFS की हैल्पलाइन 09992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



15 SEPTEMBER

Morning:

वैशाली जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। आपको CCAFS का नमस्कार। मौसम विभाग और कृषि मौसम परामर्शी सेवाए राजेन्द्र कृषि विश्व विद्यालयए पूसा से प्राप्त जानकारी के अनुसार आपके जिले में हल्के बादल देखें जा सकते है लेकिन अभी समान रुप से अच्छी वर्षा होने की सम्भावना नहीं है। औसतन छ से साथ किलोमीटर प्रति घंटा की गति से पूरवा हवा चलने की संभावना है। सापेक्ष आर्द्रता सुबह से करीब पंचहत्तर से अस्सी प्रतिशत तथा दोपहार में पैतालिस से पचास प्रतिशत रहने का अनुमान है। अधिकतम तापमान पैतीस से 35-38 डिग्री सेल्सियम तथा न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियम के आसपास रह सकता है। अधिक जानकारी के लिए CCAFS की हैल्पलाइन 09992220655 पर फोन करें। धन्यवाद।



15 SEPTEMBER

Evening :

वैशाली जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। यह संदेश आपको CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है। धान की फसल जो गाभा अवस्था में आ गई है उसमें प्रति एकड़ 25 किलोग्राम यूरिया डाले। पिछात धान जो कल्ले बनने की अवस्था में हो उसमें भी 35 किलोग्राम यूरिया प्रति एकड़ डाले। यूरिया की सही मात्रा का निर्धारण करने के लिये हम LEAF COLOUR CHART LCC के उपयोग की सिफारिश करते हैं जिससे कि हर किसान अपने खेत की परिस्थित अनुसार ही नाइट्रोजन का उपयोग करें। यूरिया देने से पहले खेत का पानी निकाल लें । यूरिया प्रभावी हो उसके लिये नीम लेपित यूरिया काम में लें। अधिक जानकारी के लिए CCAFS की हैल्पलाइन 09992220655 पर फोन करें। धन्यवाद।



16 SEPTEMBER

Morning:

वैशाली जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। आपको CCAFS का नमस्कार। आप सभी अपने खेतों को कीट और व्याधि से फसल को बचाने की कोशिश करते हैं। धान के रोग के जीवाणु फसल पर ही नहीं खेत के आस.पास मेंड या रास्तों पर उगी खरपतवारों या घासफूस पर भी पनपते हैं। जिन खेतों के पास खरपतवार है उधर बीमारी के लक्षण ज्यादा दिखाई देंगें अतः खेत में ही नहीं खेत के बहार भी खरपतवार निकालना आवश्यक है। खरपतवारों का बीज नहीं बनने दें। खरपतवार निकाल कर उन्हे COMPOST PIT में डालें। धान की खेती सम्बन्धी अन्य जानकारी के लिये 09992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



16 SEPTEMBER

Evening :

वैशाली जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। नमस्कार। इस मौसम में धान के खेतों में कीट.व्याधि का प्रयोग होने की सम्भावना ज्यादा है। पत्ता लपेट सूण्डी और तेले की रोकथाम के लिये प्रति एकड़ 250 मिली लीटर मोनोक्रोटोफॉस दवा 250 लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करें। अन्य उपलब्ध कीटनाशी दवा का उपयोग भी कर सकते हैं। दवा का छिड़काव पौधे के नीचले भाग की ओर करें। कीटनाशी दवा बदल कर 10 दिन बाद फिर छिड़काव करें। अधिक जानकारी के लिए CCAFS की हैल्पलाइन 09992220655 पर फोन करें। धन्यवाद।



17 SEPTEMBER

Morning:

वैशाली जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। नमस्कार। धान की फसल में दाने बनने की अवस्था पर गंधी बग का प्रकोप हो सकता है। इस कीट के शिशु और वयस्क बालियों में बन रहें दानों से रस चूसते हैं जिसके कारण दाना नहीं बनता और बाली खाली रह जाती हैं। अगेती लगाई गई किस्मों में गंधी बग का आक्रमण ज्यादा होता है। गंधी बग की रोकथाम के लिये क्वीनलफॉस 1ण्5 प्रतिशत या मिथाईल पैराथियान 2 प्रतिशत पाउडर की 10 किलोग्राम मात्रा एक एकड़ क्षेत्र पर बिखेरे। अधिक जानकारी के लिए CCAFS की हैल्पलाईन 09992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



17 SEPTEMBER

Evening :

वैशाली जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। नमस्कार। गेहूँ की समय पर बुवाईए पर्यावरण सुरक्षा और लागत कम करने के लिये अब बिना खेत तैयार किये ही बिना पलेवा लगाये ही धान के बाद गेहूँ की बुर्वाई ZERO TILLAGE पद्वति से करने पर जोर दिया जा रहा है। इससे पलेवा सिंचाई की बचतए धान का भूसा खेत में ही रहने से पोषक तत्वों व जीवांश की भूमि में बढ़ोत्तरी समय की बुवाई से पैदावार पूरी तथा लागत की कमी सम्भव है। आप के पड़ोस के गांव पतेपुर के कुछ किसान भाईयों ने इस पद्वति को अपना कर लाभ लिया है। गांव पतेपुर के एक ऐसे ही किसान है श्री दिलीप सिंह ए जिन्होने अपने खेतों पर र्तो ZERO TILLAGE का लाभ लिया ही हैए पर अब वे दूसरे किसान भाईयों को भी इसमें सहयोग दे रहें है। श्री दिलीप सिंह का मोबाईल न. 9973123205 है। आप भी उनके अनुभवों को लाभ अपनी खेती में कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए CCAFS की हैल्पलाईन 09992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



18 SEPTEMBER

Morning:

वैशाली जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। आप सभी को CCAFS का नमस्कार। मौसम विभाग से मिली जानकारि के अनुसार आपके जिले में अगले 3-4 दिनों में आसमान में हल्के बादल छाये रहेंगे। शुक्र्वार और शनीवार को कहीं कहीं हल्की वर्षा की सम्भावना है। दिन का तापमान 36-37 डिग्री सेल्सियस और रात्रि का तापमान 27-28 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। सुबह के समय हवा में सापेक्ष आर्द्रता 75-80% के बीच और दोपहर में 40-44% रह सकती है। दक्षिणी पूर्वी हवा 4-7 किलो मीटर प्रति घन्टा की रफतार से चलेगी। किसान भाई बहन धान के खेतों में कीड़े बिमारी के प्रकोप पर ध्यान दें। मौसम साफ होने पर ही कोई छिड़काव करें। अधिक जानकारी के लिए CCAFS की हैल्पलाईन 09992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



18 SEPTEMBER

Evening :

वैशाली जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। नमस्कार। यह संदेश आपको CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है। धान के खेत में बालिया बनने से लगाकर दाना बनने की अवस्था तक लगातार हल्का पानी खड़ा रहना चाहिए। एक ही बार में खेत में ज्यादा पानी न खड़ा करें। रोगग्रस्त खेत का पानी दूसरे खेतों में न बहने दें। खेत में 2-3 सेंटीमीटर पानी खड़ा रखें और कटाई के लगभग 15 दिन पहले सिंचाई रोक दें। जो लोग TUBE WELL के पानी से सिंचाई कर रहे हैं उन्हे चाहिए कि वो TUBE WELL के पानी की भी जाँच समय समय पर करवाएं। पानी अमूल्य प्रकृतिक संसाधन है इसका सही उपयोग करें। अधिक जानकारी के लिए CCAFS की हैल्पलाईन 09992220655 पर सम्पर्क करें। आपका धन्यवाद।



19 SEPTEMBER

Morning:

वैशाली जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। आप सबको CCAFS का नमस्कार। ज्यादातर खेतों में धान में बालियां निकल आई हैं। आप सभी सुबह सबेरे अपने खेतों पर जाकर धान की फसल पर बीमारी वगैरह की निगरानी जरूर रख रहें होंगें। अधिक तापमान और नमी की दशा में पौधों पर बीमारी फैलने की गुंजाइश होती है। हमने आपको धान में पदगलन या बकानीए कडूआ या हल्दी गांठ रोगए अगंभारी यानी SHEATH BLIGHT तथा बहरंग दाना रोग के बारे में जानकारी दी थी। रोगग्रस्त पौधों को बाहर.निकाल कर नष्ट करें। खेत में और मेढ़ों पर खरपतवार हो तो उन्हे निकाल दें। रोगग्रस्त खेत का पानी रोग रहित खेतों में जाने दें। अगर सिर्फ पदगलन तथा पत्ता अंगमारी रोग हो तो कोई दवा न छिड़के। अन्य बिमारियों के लिए कॉपर आक्सीलोराइड 500 ग्राम को 200 लीटर पानी में घोलकर दोपहर बाद छिड़के। अन्य जानकारी के लिए CCAFS की हैल्पलाईन 09992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



19 SEPTEMBER

Evening :

वैशाली जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। नमस्कार। यह संदेश आपको CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है। अकसर हम फसल में कीड़ों की रोकथाम के लिए जहरीली रसायनिक दवाईया काम में लेते हैं। ये हमारे पर्यावरण और मनुष्य के स्वास्थय के लिए नुकसानदायी हो सकती है। इसलिए आजकल जैविक कीटनाशी दवाओं पर जोर दिया जा रहा है। इनमें नीम पर आधारित कीट नाशी सबसे महत्वपूर्ण है और अब ये बाजार में भी उपलब्ध है। लेकिन आप नीम आधारित कीटनाशी को अपने घर या गाँव में भी बना सकते हैं। एक बाल्टी या मटके में नीम की पत्तिया भर लें। इसको अब पानी भरकर चार-पाँच दिन के लिए छोड़ दें। पांचवे दिन पत्तियों को पानी में अच्छी तरह मिलाकर घोल लें। अब इसे छान कर फसल पर छिड़काव करें। यह घोल फसल पर ठीक तरह चिपके इसके लिए एक ग्राम साबुन प्रति लीटर पानी में अवश्य मिलायें। इस छिड़काव से भृगंए फनका और दीमक की रोकथाम आसानी से की जा सकती है। अन्य जानकारी के लिए CCAFS की हैल्पलाईन 09992220655पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



20 SEPTEMBER

Morning:

वैशाली जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। नमस्कार। यह संदेश आपको CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है। जिन किसनान भाइयों के यहां मक्का की कटाई के बाद खेत जल्दी खाली हो रहे हैं वे गेहूँ की बुवाई से पहले 60-70 दिन में तैयार होने वाली एक और फसल लेकर अपनी आमदानी बढ़ा सकते हैं। जल्द से खेत तैयार कर कम समय में तैयार होने वाली अगात आलूए या सब्जी की बुवाई कर सकते हैं। पत्तों वाली सब्जी में सरसों पालक और हरा धनिया तो 40-45 दिन में ही तैयार हो जायगी। यदि बिचड़ा उपलब्ध हो तो पत्ता गोभीए गाट गोभी या फूल गोभी लगाई जा सकती है। मक्का के बाद खेत को खाली न रहने देंए सिंचाई की उपलब्धता को देखते हुए गेहूँ लेने से पहले एक छोटी अवधि की फसल अवश्य लेकर अपनी आमदानी बढ़ायें। अधिक जानकारी के लिए CCAFS की हैल्पलाईन 09992220655पर फोन करें। धन्यवाद।



20 SEPTEMBER

Evening :

वैशाली जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। सभी को CCAFS का नमस्कार। मक्का की फसल में भूट्टों से दाना अलग करना है। आमतौर पर दाना अलग करने के लिये डण्डों से पीटकर या हाथ से अलग करते हैं। डण्डों से पीटकर दाना अलग करने में दाने टूट जाते हैं। उनका बाजार भाव भी कम मिलता है और उनकी अकुंरणक्षमता भी कम होती है। सही तरीके से मक्का का दाना अलग करने के लिये MAIZE SHELLER उपलब्ध है। एक होर्स पावर की मोटर से चलने वाले MAIZE SHELLER से एक घन्टे में 500 किलोग्राम भूट्टों से दाना अलग किया जा सकता है। छोटे किसानों के लिये हाथ से चलने वाले MAIZE SHELLER भी उपलब्ध हैं। मक्का के भूट्टों से दाने अलग करने के लिये पहले भूट्टो को धूप में अच्छी तरह सूखालें तब उनका दाना आसानी से अलग हो जायेगा। अधिक जानकारी के लिए CCAFS कीहैल्पलाईन 09992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



22 SEPTEMBER

Evening :

वैशाली जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। नमस्कार। यह संदेश आपको CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है। कल हुई बारिश से कुछ खेतों में पानी भर गया है। अभी वर्षा थमी नहीं है और बादलों के आसार अभी भी बने हुए है। खेत में ज्यादा पानी न खड़ा रहने दें। जरुरत हो तो खेत से पानी को निकालने का प्रबन्ध करें। साथ ही खेत की निगरानी भी जारी रखें। आपको कुछ समस्या खेत में दिखाई दे तो सीकेफ्स की हैल्पलाईन पर बे झिझक सम्पर्क करें। हम आपकी खेत की समस्या का समाधान बताने के लिए पूरी कोशिश करेगें। धन्यवाद।



22 SEPTEMBER

Evening :

वैशाली जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। आप सभी को CCAFS का नमस्कर। हम आपको यह याद दिलाना चाहते हैं कि इस बार खरीफ फसल की कटाई के तुरन्त बाद खेत से मिट्टी का नमूना अवश्य लें और उसे मिट्टी परिक्षण प्रयोगशाला में जाँच के लिये भेजे। जाँच के अनुसार आपके खेत के लिए गेहूँ में खाद की सिफारिश बनाने में आसानी रहेगी। हमें खाद का प्रभावी प्रयोग करना है जिससे कि हमारी लागत का सही लाभ मिल सकें। खेत में पाँच.छ जगहसे मिट्टी का नमूना छ इंच गहराई तक लें। जहां से नमूना ले रहे है उस स्थान पर पहले फसल का भूसा या खरपतवार हटा दें। पानी जमाव वाली जगह सिंचाई के नाली खेत के किनारेए पेड़ के नीचे या खाद रखें स्थान से नमूना लें। हर जगह से ली गई मिट्टी को अच्छी तरहा से एक सार निकालें। करीब आधा किलोग्राम मिट्टी साथ थैली में भरकर अपना नाम और गाँव लिखकर प्रयोगशाला को भेजें। अधिक जानकारी के लिए CCAFS की हैल्पलाईन 09992220655पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



23 SEPTEMBER

Morning:

वैशाली जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। आप सभी को CCAFS का नमस्कर। खरीफ फसल की कटाई के बाद जब आप मिट्टी का नमूना जाँच प्रयोगशाला को भेजे तो साथ में अपने TUBE WELL के पानी का नमूना भी जाँच ले लियें भेजें। पानी का नमूना लेने के लिये एक साफ बोतल का इस्तेमाल करें। पानी का नमूना लेने के लिए पहले TUBE WELL को कुछ मिनट तक वैसे ही चलने दें। फिर नमूने के लिये बोतल में पानी भरें। TUBE WELL चलाने के एक दम बाद पानी लेने से उसमें पानी के साथ मिट्टी भी आ सकती है। TUBE WELL के पानी में कई घुलनशील पदार्थ हो सकते हैं जो हमें दिखाई नहीं देते लेकिन भूमि पर या फसल पर असर डाल सकते हैं। समय.समय पर पानी की जाँच भी कराते रहना चाहयें। अधिक जानकारी के लिए CCAFS की हैल्पलाईन 09992220655पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



23 SEPTEMBER

Evening :

वैशाली जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। आप सभी को CCAFS का नमस्कर। गोबर की खाद में फसल के लियें पोषक तत्व बने रहे इसके लिये यह आवश्य है कि गोबर को गड्डे में डाले। गोबर का सिर्फ ढेर लगा देने से खाद पूरी नहीं सड़ती है न ही उसमें पूरे पोषक तत्व रहते हैं। खाद कच्ची रह जने से उसमे दीमक आ जाती है और खरपतवार के बीज भी रह जाते हैं। जरूरी है कि गोबर का खाद गड्डों में ही तैयार करें। खाद जल्दी पक जाय इसके लिये आजकल इसमें कुछ जीवाणु भी डाले जा सकते हैं जो आपको कृषि विश्वविद्यालय या अनुसंधान स्थानों से मिलेंगे। गोबर की खाद को और भी ज्यादा पोषक तत्व वाला बनाने के लिये खाद के गड्डे में जिप्समए राकफास्फेटए सुपर फास्फेट आदि मिलाया जाना जाहिये। अधिक जानकारी के लिए CCAFS की हैल्पलाईन 09992220655पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



24 SEPTEMBER

Morning:

वैशाली जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। नमस्कार। इस समय धान के खेत में लगातार निगनारी रखना आवश्यक है। कीड़ों में तेले का प्रकोप या देर से रोपी गई धान में तना छेदक भी देखा जा सकता है। आसमान साफ होने के साथ दिन का तापमान बढ़ने पर रोग के लक्षण पौधों पर दिखाई दे सकते हैं। हमने आपको धान में कीड़ें . बीमारियों के रोकथाम की दवा कई बार बताई है उन्हे काम में लें अगर आपक याद नहीं रख पाते हैं तो CCAFS की हैल्पलाईन 09992220655पर फोन करके फिर से यह जानकारी लें। धन्यवाद।



24 SEPTEMBER

Evening :

वैशाली जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। नमस्कार। खेत में जीवांश की मात्रा बढ़ाने के लिये गोबर की खाद, कम्पोस्ट खाद, हरी खाद की चर्चा की जाती है। इसी कड़ी में हम खली भी खाद के रुप में ले सकते हैं। सारी तिलहन फसलों की खली जो आप लोग पशु आहार के रुप में काम में लेते हैं इनकों खाद के रुप में भी काम में लिया जा सकता है। कुछ खली तो ऐसी हैं जिनको पशु आहार के रुप में काम में नहीं लिया जाता है उसे खेत में डालना चाहिये। नीम की खली तो दोहरा काम करेगें। जीवाशं मात्रा भी बढ़ायेगी और जमीन में रहने वाले कीड़ों पर नियंत्रण करेगी। खेत में जीवाशं की मात्रा बढ़ाये और खेत बचायें। धिक जानकारी के लिए CCAFS की हैल्पलाईन 09992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



25 SEPTEMBER

Morning:

वैशाली जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। यह जानकारी आपको CCAFS की तरफ से दी जा रही है। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार आपके जिले में अगले दो तीन दिनों तक बादल छाये रहेंगे जिनकी गरज के साथ बरसने की भी सम्भावना है। दिन का अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और रात में न्यूनतम तापमान 23.23 डिग्री सेल्सियस रहने की सम्भावना है। सुबह के समय हवा में नमी 80% के आसपास और दोपहर में 45% तक रह सकती है। पूरवा हवा 6.7 किलोमीटर प्रति घन्टे की रफतार से चलेगी। रोग या कीड़ों की रोकथाम के लिये मौसम साफ रहने पर ही छिड़काव करें। अधिक जानकारी के लिए CCAFS की हैल्पलाईन 09992220655पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



25 SEPTEMBER

Evening :

वैशाली जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। सभी को CCAFS का नमस्कार। आपके धान की उपज में किस्म या प्रजाति की शुद्वता बनी रहे और आपको बीमारी रहित स्वस्थ बीज मिले उसके लिये यह आवश्यक है कि खेत से रोग ग्रस्त पौधों को निकालें। रोग ग्रस्त पौधों को उखाड़ने के बाद उन्हे जमीन में गाड़ दे या जला दें। इससे आपको सिर्फ रोग ग्रस्त बीज ही नहीं मिलेगा बल्कि रोग के जीवाणु जो भूमि में फैल जाते हैं उनसे भी छुटकारा मिलेगा।ऐसे पौधे जिनकी बढवार अलग ढंग से हो रही है उन्हे भी निकाले। ये पौधे या तो किसी दूसरी किस्मध्प्रजाति के है या जीवाणु प्रभावित है। खेत और खलिहान को रोग मुक्त रखें और अपनी भूमिको स्वस्थ रखें। अधिक जानकारी के लिए CCAFS की हैल्पलाईन 09992220655 पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



26 SEPTEMBER

Morning:

वैशाली जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। यह संदेश आपको CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है। धान की फसल में अंगमारी या BLIGHT रोग एक बड़ी समस्या बन सकता है। इस रोग की रोकथाम के लिये हमने पहले भी जानकारी दी थी। सबसे पहले तो रोग ग्रस्त पौधों को निकाल कर नष्ट करें। खेत से और खेत के आसपास से भी खरपतवार निकाले क्योंकि इस रोग की फफूंद वहां से बीमारी फैला सकती है। रोग ग्रस्त खेत का पानी दूसरे रोग हीन खेतों में न जाने दें। यूरिया खाद देने से पत्ते अधिक देर तक पानी हरे और नम रहते हैं जिन पर बीमारी आसानी से फैलती है। रोग दिखाई देने पर यूरिया खाद न दें। अगले वर्ष रोग रोधी किस्म लगाये। अधिक जानकारी के लिए CCAFS की हैल्पलाईन 09992220655पर सम्पर्क करें। धन्यवाद।



26 SEPTEMBER

Evening :

वैशाली जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। आप सभी को CCAFS का नमस्कार। जलवायु परिवर्तन के कारण गर्मी बढ रही है। खेती पर इसका बुरा प्रभाव पड़ा है। खासकर रबी फसलों में और गेहूँ में बढती गर्मी से उपज में कमी देखी गई है। गेहूँ की फसल सब पकने को होती है तो दाने की दूधिया अवस्था पर तापमान अचानक बढ जाता है और दाना सूकड़ा हुआ रह जाता है। इसी तरह कभी बीजाई के समय इतनी गर्मी रहती है कि गेहूँ कि गेहूँ की सामान्य बुवाई के लिये कुछ इन्तजार करना पड़ता है। गेहूँ की फसल को कुछ बढ़वार के लिये जो समय चाहिये वह पूरा नहीं मिलता है। कृषि अनुसंधान में इन सब बातों को ध्यान रखते हुए कुछ नई पद्वतियां तथा प्रजातियां विकसित की है जिनकी जानकारी हम आपको देते रहेगे। इन संदेशों को लगातार सुनते रहे और अधिक जानकारी के लिये CCAFS की हैल्पलाईन 09992220655 फोन करें। धन्यवाद।



27 SEPTEMBER

Morning:

वैशाली जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। नमस्कार। यह संदेश आपको CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है। जब फसल पकने को होती है तो खेतो में चूहों का प्रकोप भी बढ जाता है। चूहे पौधों को कुतर देते हैं। बालियों से दाने खाने के लिए धान के पौधों को झुका कर तोड़ देते हैं। खेत के किनारों या मेड़ों के पास के पौधों को तो विशेष नुकसान पहुचाते हैं। चूहों की रोकथाम के लिये एक भाग चूहा मार दवा जिंक फासफाइड दो भाग मूंगफली या तिल का तेल और 47 भाग आटा मिलाकल विषैलि गोलियां बनाये। इन गोलियों को खेत में चूहों के बिल के पास रख दें। पहले दो दिन तक बिना जहर की गोलियां रखें जिससे चूहें उनको खाने की आदत डाल लें फिर दो दिन बाद जहर मिली गोली रखें। चूहों के बिलों में सेलफोन की गोलियां रख कर भी इनकी रोकथाम की जा सकती है लेकिन गोलियां रखने के बाद बिलों को तुरन्त बंद करना आवश्यक है। अधिक जानकारी के लिये CCAFS की हैल्पलाईन 09992220655 फोन करें। धन्यवाद।



27 SEPTEMBER

Evening :

वैशाली जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। आप सभी को CCAFS का नमस्कार। वायुमण्डल की हवा में अठ्हत्तर प्रतिशत नाइट्रोजन है। हवा की इस नाइट्रोजन को जीवाणुओं की मदद से फसल में काम लियाजा सकता है। दलहनी फसल में यह काम राइजोबियम जीवाणु के द्वारा होता है और गैर दलहनी अनाज और तिलहन मेंए Azotobacter biofertiliser जीवाणु के द्वारा यह काम किया जा सकता है। Azotobacter biofertiliser प्रयोग से प्रति एकड़ 10-20% किलोग्राम यूरिया की बचत की जा सकती है और लगभग 10-15% उपज में वृद्वि की जा सकती है। इसी तरह फास्फोरस खाद का प्रभाव बढ़ाने के लिये PHOSPHOBECTERIA का उपयोग किया जा सकता है। गेहूँ की बिजाई के समय बीजोपचार कर या भूमि में मिलाकर हम इन BIO-FERTILIZER को काम में लेगी। CCAFS के इन संदेशों को लगातार सुनते रह कर आप खेती की लागत कम करे और अधिक मुनाफा कमायें। धन्यवाद।



28 SEPTEMBER

Morning:

वैशाली जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। नमस्कार। यह संदेश आपको CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है। मौसम विभाग व कृषि मौसम परामर्शी सेवा राजेन्द्र कृषि विश्व विद्यालय। पूसा से प्राप्त सूचना के अनुसार अगले दो-तीन दिन में आसमान में हल्के बादल देखे जा सकते हैं तथा कहीं-कहीं हल्की वर्षा होने का अनुमान है। औसत 4 से 9 किलो मीटर प्रति घन्टा की रफतार से पूरवा हवा चलने की सम्भावना है सापेक्ष आर्द्रता सुबह में 80-85 प्रतिशत और दोपहर में 50% के आसपास रहने का अनुमान है। दिन का अधिकतम तापमान 34-36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26-27 डिग्री सेल के बीच रह सकता है। धान की फसल जो इस समय गाभा तथा दूध भरने की अवस्था में उसमें आवश्यकतानुसार सिंचाई करें। तैयार मक्का की कटनी करें इसके लिये मौसम अनुकूल रहने का अनुमान है। धन्यवाद।



28 SEPTEMBER

Evening :

वैशाली जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। नमस्कार। यह संदेश आपको CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है। आजकल आमतौर भूमि में 6 पौषक तत्वों की कमी देखी जा रही है। ये तत्व है नाइट्रोजनए फास्फोरसए पोटाशए सल्फरए जिंक और बोरोन। सभी पोषक तत्वों का फसल उत्पादन में अलग-अलग महत्व है। कोई भी तत्व दूसरे तत्व की जगह नहीं ले सकता है। अगर जिंक की कमी है तो जिंक डाल कर ही उसकी कमी पूरी करनी है। साधारणतौर पर जब हम खेत की मिट्टी की जाँच करवाते हैं तो हमें प्रमुख पोषक तत्व- नाइट्रोजनए फास्फोरस और पोटाश की सिफारिश दी जाती है लेकिन अब दूसरे तत्वों की भी कमी देखी जा रही है तो यह आवश्यक हो गया है कि सूक्ष्म तत्वों के लिये भी मिट्टी के नमूनों की जाँच करायें। गेहूँ में भरपूर पैदावार लेने के लियें हमें सूक्ष्म तत्वों की भी सिफारिश मिट्टी की जाँच के आधार पर ले लेनी चाहियें। अधिक जानकारी के लिये CCAFS की हैल्पलाईन 09992220655 सम्पर्क करें। धन्यवाद।



29 SEPTEMBER

Morning:

वैशाली जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। नमस्कार। यह संदेश आपको CCAFS की तरफ से दिया जा रहा है। इस मौसम में धान के खेत में गन्धी कीड़े के प्रकोप के बढ़ने की सम्भावना रहती है। बालियां निकलने और दूध भरने की अवस्था में आ गई धान की फसल पर गंधी कीड़े दिखाई पड़ने पर नियंत्रण के लिये दस प्रतिशत फॉलीडाल घूल प्रति एकड़ 8-10 किलोग्राम की दर से भूरकाव करें। भूरकाव सुबह आठ बजे से पहले और शाम को पाँच बजे के बाद बालियों पर करें। गंधी कीड़े के शिशु और वयस्क बालियों की दूधिया अवस्था में दानों से रस चूसते हैं जिसके कारण दाने खखरी हो जाते है। अधिक जानकारी के लिये CCAFS की हैल्पलाईन 09992220655 सम्पर्क करें। धन्यवाद।



30 SEPTEMBER

Morning:

वैशाली जिले के कलाईमेट स्मार्ट गाँव के किसान भाइयों और बहनों। आप सभी को CCAFS का नमस्कार। आप की मक्का की फसल में जब भूट्टों के उपर के छिलके भूरा पड़ कर सूखने लगे तो मानिये कि फसल पर कर कटनी के लिये तैयार है। मक्का का पूरा पौधा काट कर उसे ढेर में सूखने के लिये खड़ा कर सकते हैं या भूट्टों को खड़ी फसल से तोड़कर उनका छिलका उतार कर सूखने के लिये धूप में फैला सकते हैं। भूट्टो से दाने निकालने के लिये उन्हे सूखाना जरुरी है नही तो गहाई के समय दाने टूट जायेंगे। दानों को भण्डार से पहले सूखा लें। भण्डारण के समय उनमे 10% से कम नमी रहनी चाहिये। भण्डारण हवा बन्द कोठियों में करेगें तो दाने सुरक्षित रहेगें। कोठी को समय पर साफ कर लें फिर उसमें दानें भरें। भण्डारण के लिये रखें गये दानों को प्रघुमन करके कोठी को अच्छी तरह हवा बंद सील कर दें। अधिक जानकारी के लिये CCAFS की हैल्पलाईन 09992220655 सम्पर्क करें। धन्यवाद।


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